सुबह के करीब 6.45 बजे थे, अचानक दीपसेन के मकान से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। पड़ोसियों के लिए यह बिल्कुल आम था, लेकिन बृहस्पतिवार को कुछ ज्यादा ही शोर-शराबा आ रहा था। दीपसेन की पत्नी और बेटियां चिल्ला-चिल्लाकर मदद की गुहार लगा रही थीं। पड़ोसी विनोद कुमार (52) मदद को पहुंचे तो देखा दरवाजा अंदर से बंद था। जोर-जोर से दरवाजा खटखटाने पर तनु ने दरवाजा खोल दिया। विनोद अंदर घुसे तो देखा कि दीपसेन कांच के टुकड़े से पत्नी का गला रेतने वाला है।