शनिवार को जंतर-मंतर पर उस वक्त हाहाकार मच गया जब दो किसान अचानक पेड़ पर चढ़ गए और आत्महत्या करने लगे।
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जंतर-मंतर पर धरना दे रहे तमिलनाडु के किसानों में से दो शनिवार को खुदकुशी के इरादे से पेड़ पर चढ़ गए।
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मौके पर जमा हुए लोगों व पुलिस कर्मियों के आने पर दोनों पेड़ से उतर कर भाग गए। तमिलनाडु के सूखाग्रस्त किसान पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।
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ये किसान 14 मार्च से भूख हड़ताल कर रहे हैं। तमिलनाडु से किसानों के साथ प्रदर्शन के लिए दिल्ली आए अखिलन व रमेश शनिवार को खुदकुशी के इरादे से पेड़ पर चढ़ गए।
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दोनों अपने इरादों को अंजाम दे पाते इससे पहले ही पुलिस के सक्रिय हो जाने पर इन्हें पेड़ से उतरना पड़ा।
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किसानों की अगुवाई करने वाले अय्याकन्नू ने बताया कि तमिलनाडु में एक दशक से सूखा पड़ रहा है। पिछले एक साल में सूखे का प्रभाव बेहद ज्यादा रहा है।
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ऐसा सूखा 150 साल पहले पड़ा था, इसके चलते किसान कर्ज में डूबे हैं और आत्महत्या कर रहे हैं। एक साल की अवधि में करीब 400 किसानों की मौत हो चुकी है।
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किसान सरकार से राज्य के किसानों का 7000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने, सूखा राहत निधि से 40 हजार करोड़ रुपये की सहायता देने, सूखे की समस्या से निपटने के लिए राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने, किसानों को उनकी फसल का सही दाम देने और बुजुर्ग किसानों व उनकी मौत के बाद आश्रितों को पेंशन देन की मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी के धरने के दौरान ही डेढ़ वर्ष पूर्व राजस्थान के किसान ने पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली थी।