फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कट्टर था डॉ. उमर: क्लास में लड़के-लड़कियों को बैठाता था अलग, छात्रा बोली- हमें बहुत डांटता..उनसे कुछ न कहता

Tue, 11 Nov 2025 10:55 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

छात्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉ. उमर के इस रवैये के चलते उनके साथ पढ़ने वाले दूसरे धर्म के छात्रों का रवैया भी बदला हुआ रहता था। वे यही कहकर चिढ़ाते हैं कि तुम चाहे जितनी मेहनत कर लो, नंबर तो ज्यादा हमारे ही आएंगे। 
विज्ञापन
1 of 5
कट्टरपंथी है डॉ. उमर - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में लाल किले के पास कार से बम धमाका करने वाले डॉ. उमर कट्टरपंथी था। फरीदाबाद के धौज की अल फलाह यूनिवर्सिटी में जब वो छात्रों को पढ़ाता था तो क्लास में लड़के व लड़कियों को अलग-अलग लेन में बैठाता था। अपनी क्लास में वो लड़के-लड़कियों को आपस में बात भी नहीं करने देता था।
विज्ञापन

2 of 5
अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
'तुम्हे दूसरे लोगों से अव्वल रहना है और आगे बढ़ना है'
यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने बताया कि खास तौर पर लड़कियों को अलग बैठाने के बाद उन्हें भी डॉ. उमर धर्म के अनुसार बांटता था। दोनों धर्म की लड़कियों को भी वो अलग-अलग बैठाता था। यहां पढ़ने वाली एक हिंदू छात्रा ने बताया कि डॉ. उमर अपने धर्म को लेकर काफी प्रभावित था। हम जैसे छात्रों को वो छोटी सी गलती पर डांट लगाता था। लेकिन अपने धर्म से जुड़े छात्रों की गलती वो नजरअंदाज कर देता था और उन्हें कुछ नहीं कहता था। इसके साथ ही वो उन्हें समझाता था कि तुम्हे दूसरे लोगों से अव्वल रहना है और आगे बढ़ना है।

विज्ञापन

3 of 5
अल फलाह यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
'सभी छात्रा दिन में 5 बार नमाज पढ़ने चले जाते, इस दौरान क्लास रुक जाती'
छात्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉ. उमर के इस रवैये के चलते उनके साथ पढ़ने वाले दूसरे धर्म के छात्रों का रवैया भी बदला हुआ रहता था। वे यही कहकर चिढ़ाते हैं कि तुम चाहे जितनी मेहनत कर लो, नंबर तो ज्यादा हमारे ही आएंगे। इतना ही नहीं नमाज के समय सभी छात्रा दिन में 5 बार नमाज पढ़ने चले जाते। इस दौरान क्लास रुक जाती और उनके आने पर ही क्लास फिर से शुरू होती। इतनी अवधि तक उन्हें इंतजार ही करना पड़ता है कि वो कब तक आएंगे।

4 of 5
डॉ. उमर नबी की भाभी मुजम्मिला अख्तर - फोटो : बसित जरगर
परिवार को नहीं यकीन, उमर ऐसा हो सकता है
वहीं डॉ. उमर नबी के परिवार ने कहा है कि उन्हें यकीन नहीं होता कि वह किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है। पुलिस के अनुसार, पुलवामा जिले के कोइल गांव के निवासी डॉ. उमर नबी कथित तौर पर उस ह्युंडई i20 कार को चला रहा था, जिसमें सोमवार शाम को लाल किले के पास धमाका हुआ था। इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डॉ. उमर नबी की भाभी मुजम्मिला अख्तर - फोटो : बसित जरगर
'उमर बहुत शांत स्वभाव के थे'
डॉ. उमर की भाभी मुजम्मिला अख्तर ने बताया कि वह बचपन से ही संकोची और पढ़ाई में ध्यान देने वाले व्यक्ति थे। उमर बहुत शांत स्वभाव के थे, ज्यादा दोस्त नहीं बनाते थे और हमेशा पढ़ाई व काम में व्यस्त रहते थे। वह फरीदाबाद के एक कॉलेज में फैकल्टी के तौर पर काम कर रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने फोन कर कहा था कि परीक्षा के कारण व्यस्त हैं और तीन दिन बाद घर लौटेंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें