निकिता तोमर हत्याकांड में तौसीफ और रेहान बुधवार को सुनवाई के दौरान समझ ही नहीं सके कि गिल्टी होल्ड करने (दोषी करार देना) का क्या अर्थ है। उन्हें लगा कि दोषी करार देने के कुछ ही मिनटों में जज सजा सुना देंगे। इस दौरान तौसीफ और रेहान को कट्टा उपलब्ध कराने वाला अजरुद्दीन बेहोश हो गया।
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निकिता हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सभी का ध्यान उस पर रहा और चंद सेकेंड में न्यायधीश सरताज बासवाना ने सजा पर फैसले की सुनवाई के लिए तारीख 26 मार्च दे दी। अपने वकील अनीस खान के जरिए तौसीफ और रेहान समझ सके कि अभी तक उनके मामले में कोई सजा नहीं सुनाई गई है।
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मृतक निकिता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
निकिता की हत्या में तीन लोग आरोपी थे, लेकिन कोर्ट ने अजरुद्दीन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। उसे कोर्ट की हर तारीख में अपनी रिहाई का इंतजार रहता था। वह मेवात के गांव सिंगलहेड़ी का रहने वाला है। उसका कहना था कि मामले से उसका कोई लेना देना नहीं।
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निकिता तोमर केस की जानकारी देते वकील
- फोटो : अमर उजाला
एक बार ही परिजनों से मिल सके दोषी
रेहान और तौसीफ को पुलिस ने वारदात के दिन ही काबू कर लिया था। इसके बाद रिमांड पर लेकर सबूत जुटाए गए और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल जाने के करीब 15 दिन बाद तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन व मां असमीना और रेहान से उसके पिता शहाबुदीन मिलने पंहुचे। इसके बाद कोविड नियमों के तहत बाहर के लोगों पर जेल में बंदियों से मिलने पर रोक लगा दी गई।
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निकिता तोमर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
57 गवाहों के दर्ज हुए बयान
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग आक्रोश में थे। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। निकिता को 26 अक्तूबर को गोली मार दी गई थी। वारदात को 26 मार्च को पूरे पांच माह पूरे हो जाएंगे। न्यायाधीश सरताज बसवाना मामले में 26 मार्च को ही फैसला सुनाएंगे। लागातार सुनवाई में 57 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें घटना के चश्मदीद निकिता के चचेरे भाई तरुण तोमर और सहेली निकिता शर्मा भी शामिल थी।
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निकिता हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
सोहना रोड स्थित अपना घर सोसायटी निवासी निकिता तोमर अग्रवाल कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी। 26 अक्तूबर 2020 को हत्या की वारदात कॉलेज बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इसके बाद मामले में लगातार फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग उठी थी।
एसआईटी टीम ने 11 दिन में पेश की थी चार्जशीट
लोगों में आक्रोश को देखते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी थी। एसआईटी की टीम ने पांच घंटे के अंदर मुख्य हत्यारोपी तौसीफ को सोहना से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी रेहान और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजहरुद्दीन को भी पुलिस ने पकड़ा। इसमें एसआईटी ने सभी तथ्यों को एकत्रित करके महज 11 दिन में ही 700 पेज की चार्जशीट तैयार करके छह नवंबर को कोर्ट में दाखिल कर दी। चार्जशीट में निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए थे।