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पाकिस्तानी जासूस नौशाद: पाकिस्तान को दे चुका क्या-क्या जानकारी? मोनू ने भी कही वही बात जो गांववाले बोले; Video

Mon, 23 Mar 2026 10:23 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

 पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण मशीन चलाने वाले मोनू से अमर उजाला टीम ने सोमवार को वहां जाकर बात की। कांवरा इलाके में रहने वाले मोनू ने बताया कि अक्सर वो यहीं रहने वाले नौशाद के साथ बैठकर ही खाना भी खाता था। दोनों पास के इलाके से ही खाना मंगवाते थे। अक्सर वो मोबाइल तो चलाता रहता था लेकिन ऐसा कभी शक नहीं हुआ कि नौशाद अपने मोबाइल में कुछ अवैध गतिविधि कर रहा है।
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नौशाद अली - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद से सामने आए जासूसी कांड मामले में फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए पंक्चर दुकान संचालक नौशाद अली से मिलने वालों की तलाश में भी पुलिस जुटी है। पुलिस टीम ये पता लगा रही है कि बीते तीन महीने के दौरान, जब से नौशाद नचौली इलाके के पेट्रोल पंप पर पंक्चर की दुकान चला रहा था, यहां इससे कौन-कौन लोग मिलने आते थे। वहीं मामले को लेकर इलाके के लोगों में सोमवार को चर्चा का माहौल रहा। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी मीडिया से बात करने से बचते नजर आए।
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इसी दुकान को चलाता था नौशाद अली - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान क्या-क्या भेजा?
वहीं आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नौशाद अली ने यहां रहने के दौरान फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो बनाकर ऐप के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर को दिए थे। इसके लिए आरोपी दो बार फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी गया था। ऐसा शक है कि देश के अन्य शहरों की तरह इस गिरोह ने फरीदाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्लान तैयार किया था।
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मोनू - फोटो : अमर उजाला
'हां, वो मोबाइल तो हमेशा चलाता रहता था'
वहीं नचौली गांव स्थित पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण मशीन चलाने वाले मोनू से अमर उजाला टीम ने सोमवार को वहां जाकर बात की। कांवरा इलाके में रहने वाले मोनू ने बताया कि अक्सर वो यहीं रहने वाले नौशाद के साथ बैठकर ही खाना भी खाता था। दोनों पास के इलाके से ही खाना मंगवाते थे। अक्सर वो मोबाइल तो चलाता रहता था लेकिन ऐसा कभी शक नहीं हुआ कि नौशाद अपने मोबाइल में कुछ अवैध गतिविधि कर रहा है। मोनू के अनुसार मोबाइल में क्या करता था, इसकी जानकारी नहीं है और न ही कभी नौशाद ने इसे लेकर उससे चर्चा की। बता दें कि नौशाद के गांव वालों ने भी माना था कि नौशाद हर वक्त मोबाइल में घुसा रहता था और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता था।

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मुमताज उर्फ इम्तियाज - फोटो : अमर उजाला
मुमताज ने कर दिया था दुकान खोलने से मना
इसके साथ ही नौशाद अली की यहां पंक्चर की दुकान शुरू कराने वाले मुमताज उर्फ इम्तियाज से भी सोमवार को अमर उजाला टीम ने बात की। मुमताज मेवला महाराजपुर इलाके के एक पेट्रोल पंप पर पंक्चर की दुकान चलाता है और नौशाद के गांव का ही रहने वाला है। मुमताज ने बताया कि नौशाद के पिता जलालुद्दीन को वो जानता है क्योंकि उन्होंने मुमताज के मकान में लोहे की ग्रिल लगाने का काम किया था। मुमताज ने कहा कि नचौली के पंप पर पहले मैनेजर के तौर पर कार्यरत रविंद्र ने उससे संपर्क कर यहां पंक्चर की दुकान लगाने को कहा था। मुमताज ने खुद जाकर वहां देखा और दुकान लगाने से मना कर दिया था। बाद में रविंद्र के कहने पर उसने अपने गांव के जलालुद्दीन को इस बारे में बताया। तब जलालुद्दीन ने अपने बेटे नौशाद को फरीदाबाद भेजा और उसने दुकान खोल ली। मुमताज के अनुसार वो तो नौशाद से यहां आने के बाद मिला भी नहीं।
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नौशाद के पिता - फोटो : अमर उजाला
मुमताज ने दी पिता को जानकारी
मुमताज ने बताया कि नौशाद को पुलिस जब यहां से पकड़कर ले गई तो रविंद्र ने उसे कॉल कर बताया। तब मुमताज ने बिहार में नौशाद के पिता जलालुद्दीन को कॉल कर इस बारे में बताया। जलालुद्दीन बिहार से फरीदाबाद आए और फिर पुलिस के पास गए। नौशाद अली का मामा पप्पू खड्डा कॉलोनी में रहता है।

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