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खाई में मिला कमल: 18 घंटे तक तलहटी में पड़ा रहा शव, बच जाती जान अगर दोस्तों ने न बोला होता परिवार से ये झूठ

Sun, 20 Nov 2022 09:17 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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18 घंटे बाद खाई से निकाला गया कमल का शव - फोटो : अमर उजाला
सेल्फी के दौरान खाई में गिरने के बाद समय से कमल को ढूंढ लिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। खाई की गहराई इतनी ज्यादा है कि रात के समय किसी भी सूरत में खाई के अंदर उतरना संभव नहीं था। पुलिस को कमल के खाई में गिरने की सूचना रात करीब 10 बजे मिल गई थी। अंधेरा होने के कारण खाई में उतरना तो दूर पास जाने में भी खतरा था। ऐसे में पुलिस के पास दिन निकलने का इंतजार करने के सिवा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा था। 
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क्रैन की मदद से निकाला गया शव - फोटो : अमर उजाला
सुबह छह बजे से ही पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया। चौकी प्रभारी एसआई सुरेंद्र, हवलदार अरविंद व सिपाही विरेंद्र कमर पर रस्सी बांधकर खाई में उतरे। चौकी का अन्य स्टाफ ऊपर से उनकी मदद कर रहा था। पेड़ों पर रस्सी बांधते हुए टीम खाई की गहराई में उतरी। यहां कमल का शव पड़ा हुआ था। उसके सिर और मुंह पर गहरी चोट के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। इस दौरान जंगली जानवरों ने उन्हें परेशान किया। 
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रस्सी के सहारे खाई में उतरते पुलिस वाले - फोटो : अमर उजाला
खाई में मौजूद बंदरों से निपटना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर था। शव में वजन अधिक होने के कारण उसे रस्सी के सहारे ऊपर ले जाना संभव नहीं था। पुलिस टीम वापस ऊपर आई और हाइड्रा मशीन का इंतजाम किया गया। मशीन की रस्सी को खाई की गहराई तक ले जाने के लिए रस्सी व पट्टों को आपस में जोड़कर एक भारी पत्थर से बांधकर नीचे फेंका गया। इसके बाद टीम दोबारा से रस्सी के सहारे खाई में उतरी। नीचे सिग्नल नहीं होने के कारण फोन पर संपर्क कर पाना भी मुश्किल था।

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कड़ी मश्क्कत के बाद निकाला गया शव - फोटो : अमर उजाला
आधे रास्ते आकर पत्थरों में फंस गया शव
एसआई सुरेंद्र ने बताया खाई की गहराई से उन्होंने शव को रस्सी से बांधकर हाइड्रा मशीन से शव खिंचवाना शुरू कर दिया। ऊपर आने के बाद आधा रास्ते के बाद मशीन में खिंचाव आने लगा। ज्यादा जोर देने से रस्सा टूटने का डर था। पुलिस टीम तीसरी बार फिर खाई में उतरी। शव दो पत्थरों के बीच फंस गया था। टीम ने रस्सी पर लटके-लटके ही काफी मशक्कत के बाद शव को पत्थरों के बीच से निकाला। उन्होंने बताया एनडीआरएफ को सूचना दे दी गई थी। छुट्टी का दिन होने के कारण टीम आने में दिक्कत आ रही थी। खाई में ज्यादा देर तक शव को रहने देने पर जंगली जानवरों से शव को नुकसान होने का डर था।
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कमल के परिजन - फोटो : अमर उजाला
दोस्तों ने दी परिवार को झूठी सूचना
मृतक कमल के छोटे भाई विमल का आरोप है कि भाई रोज शाम सात बजे तक घर आ जाते थे। शनिवार रात करीब 8:30 बजे रवि उनके घर आया और पूछा कमल अभी तक घर नहीं पहुंचा क्या, उसे कुछ देर पहले ही घर के पास छोड़ा था। रात करीब 9:30 बजे रवि ने दोबारा फोन कर बताया कमल फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर खाई में गिर गया है। रवि एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि दूसरा दोस्त हरमिंदर पेशे से वकील है। सेक्टर-12 कोर्ट में प्रैक्टिस करता है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। परिवार के लोगों ने अभी तक किसी पर कोई शक नहीं जताया है।
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