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राम मंदिर उड़ाने की साजिश: आईएसआईएस-खुरासान ने ऐसे किया आतंकी रहमान का ब्रेनवॉश; भेजे जाते थे ये संदेश

Tue, 04 Mar 2025 01:21 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

अयोध्या राममंदिर पर हमले की साजिश रच रहे आतंकी अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस खुरासान ने राम मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। 
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abdul rahman - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद के बांस रोड पाली से पकड़े गए अब्दुल रहमान (19) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अब्दुल रहमान को अयोध्या राम मंदिर पर हमला करने के लिए तैयार किया था। आधिकारिक सूत्र ने बताया कि आतंकी संगठन आईएसआईएस की क्षेत्रीय शाखा इस्लामिक स्टेट -खुरासान प्रांत ने इस हमले की साजिश रची। 

ब्रेनवॉश कर अब्दुल रहमान व अन्य को अयोध्या में मस्जिद की जगह बन रहे मंदिर को लेकर धार्मिक भावनाएं भड़काते हुए मंदिर पर हमले के लिए तैयार किया। आईएसआईएस की ये शाखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय है।

अब्दुल बीते कई महीने से इस आतंकी संगठन के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिये इससे संपर्क किया गया था। जिसके बाद इसे एक ग्रुप में शामिल किया गया। ग्रुप में धर्म विशेष को लेकर आहत करने वाले वीडियो डाले जाते थे। 

ग्रुप के लोगों को अलग-अलग व्यक्तियों के कुछ रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश भी भेजे जाते थे। इन संदेश में अब्दुल और इसके जैसे अन्य युवाओं को कहा जाता था कि तुम्हारे ऊपर अयोध्या में जुल्म हुआ है और अब तुम्हे इसका बदला लेना है। इसी तरह इन्हें हमले के लिए तैयार किया गया। 
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अब्दुल रहमान की फाइल फोटो - फोटो : संवाद
पुलिस के अनुसार, इस आतंकी संगठन के कहने पर ही अब्दुल ने राम मंदिर और उसके आस-पास की रेकी कर वहां की वीडियो बनाई। कई सारी वीडियो इसने आतंकी संगठन के साथ साझा भी की थी। इसके पास से मिले मोबाइल से भी इस तरह की वीडियो बरामद होने की बात कही जा रही है। रेकी पूरी होने के बाद अब हमले की तैयारी चल रही थी। 
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इस उजाड़ घर से अब्दुल रहमान को गुजरात एसटीएफ और हरियाणा संयुक्त टीम ने हिरासत में लिया - फोटो : संवाद
हैंड ग्रेनेड लेने के बाद अगले आदेश के आने का इंतजार कर रहा था 
हमले के लिए हैंड ग्रेनेड लेने के लिए भेजा गया था। हैंड ग्रेनेड लेने के बाद अब ये आतंकी संगठन के अगले आदेश के आने का इंतजार कर रहा था। लेकिन उससे पहले ही आईबी, गुजरात एटीएस को इसकी जानकारी मिल गई। 

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पाली गांव के बाहर इसी सूनी पड़ी सड़क के पास बने शेड कमरे से अब्दुल रहमान को हिरासत में लिया गया - फोटो : संवाद
फरीदाबाद से पहले भी कई बार आतंकियों के तार जुड़ चुके हैं
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद एक बार फिर आतंकवाद और आतंकी को पनाह देने को लेकर चर्चा में है। यहां के बांस रोड पाली से पकड़े गए आतंकी अब्दुल रहमान (19) की खबरें जैसे ही सब जगह फैली तो सोमवार को काफी लोग उस टीनशैड बरामदा को देखते पहुंचे। लोग यहां आकर देख रहे थे कि ऐसा इस जगह पर क्या है जो आतंकी आकर आसानी से छुप गया। सोमवार को अमर उजाला की टीम इस जगह पर पहुंची तो यहां लोग पहुंचे हुए थे।
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अब्दुल रहमान को गुजरात एसटीएफ और हरियाणा संयुक्त टीम के हिरासत में लेने की खबर पर देखने आए ग्रामीण - फोटो : संवाद
टीनशैड वाले बरामदा में बने पशुओं के चारे वाली खोर में ऊपलों के टुकड़े पड़े हुए थे। इसमें पानी की एक खाली बोतल भी थी और दो बोतलें साइड में नीचे पड़ी थी। साथ ही कुछ खाली डोने भी पड़े मिले जिसमें शायद कुछ खाने पीने का सामान लाकर आतंकी ने खाया था। यहां पास ही रेहड़ी लगाने वाले एक युवक ने बताया कि दो दिन से सादी वर्दी में पुलिसकर्मी इस इलाके में आकर कई-कई देर तक बैठे रहते और घूमते। 
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गुजरात एसटीएफ ने आरोपी अब्दुल रहमान को अदालत में पेश कर दस दिन के रिमांड पर लिया - फोटो : संवाद
वे किसी को ढूंढ रहे थे। फिर रविवार को अचानक से फोटो दिखाकर एक युवक के बारे में पूछने लगे कि इसे किसी ने देखा है क्या। कुछ देर बाद वो युवक पैदल चलता हुआ आया तो अचानक से कई पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसे काबू कर लिया और साइड में ले गए। साथ ही लोगों भीड़ को उस एरिया तक पुलिस टीम ने नहीं जाने दिया।
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अब्दुल रहमान को गुजरात एसटीएफ और हरियाणा संयुक्त टीम के हिरासत में लेने की खबर पर देखने आए ग्रामीण - फोटो : संवाद
फरीदाबाद से पहले भी जुड़े हैं आतंकियों के तार
वर्ष 1998: दिल्ली पुलिस ने तुगलकाबाद किले के पास मुठभेड़ में आतंकियों को मार गिराया था। यह आतंकी फरीदाबाद से सूरजकुंड रोड के रास्ते दिल्ली में घुसने का प्रयास कर रहा था।
नवंबर 2008: मालेगांव ब्लास्ट में गिरफ्तार आरोपी दयानंद पांडे उर्फ अमृतानंद देव कई वर्षों तक अनंगपुर स्थित हरि पर्वत मंदिर में रहे।
सितंबर 2008: महरौली ब्लास्ट की पूर्व रात्रि एक कॉल पुलिस को दिल्ली बचाने के लिए की गई थी, इसमें प्रयोग सिम बल्लभगढ़ से खरीदी गई थी।

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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2007: हैदराबाद बम ब्लास्ट के मामले में प्रयुक्त मोबाइल फोन ओल्ड फरीदाबाद अनाज मंडी की एक दुकान से खरीदा गया था।
वर्ष 2006: पाकिस्तानी आतंकी अबू हमजा जगदीश कॉलोनी बल्लभगढ़ में उत्तर चंद बरेजा के मकान में किराए पर रहा था। मई 2006 में दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर वहां से तीन किलो आरडीएक्स सहित हथियारों का भारी जखीरा पकड़ा था।

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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2006: मार्च व अप्रैल में तीन बार अलबदर नाम के आतंकी संगठन ने एसएसपी व जीआरपी को पत्र भेजकर ओल्ड व न्यू टाउन रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी थी।
वर्ष 2005: नोएडा पुलिस ने आतंकी हनीफ को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में बताया कि हनीफ ने दो साल फरीदाबाद में रहकर अपना नेटवर्क चलाया था।
वर्ष 2005 में ही मुजेसर फाटक के समीप पटरी से जिंदा बम बरामद हुए थे। एफएसएल की रिपोर्ट ने इन बमों को ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन के लिए घातक बताया था।
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आतंकी अब्दुल रहमान - फोटो : अमर उजाला
अगस्त 2004: में बीएसएफ का पूर्व सिपाही बल्लभगढ़ स्टेशन से पकड़ा गया। यह मेवात में रहकर आईएसआई के लिए कार्य कर रहा था।
वर्ष 2004: दिल्ली पुलिस ने आतंकी आबिद को मार गिराया था। बाद में जांच करने पर पता चला कि आबिद के तार फरीदाबाद से जुड़े थे। उसने दिल्ली में घूमने के लिए मोटरसाइकिल भी फरीदाबाद से ही खरीदी थी।
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