दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को लेकर जाते अधिकारी
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सड़क किनारे खड़े वाहन बन रहे जानलेवा
जिले के विभिन्न मार्गों पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वाहन चालक नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। कोहरे के दौरान कम दृश्यता में ऐसे वाहन और अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। केएमपी-केजीपी एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19, अलीगढ़ रोड समेत अंदरूनी मार्गों पर ढाबों और सर्विस रोड के किनारे भारी वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। जुलाई में केजीपी एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़े ट्राले से कार टकराने पर मेरठ के दो व्यापारियों अमित और अभिनव की मौत हो गई थी। पृथला औद्योगिक क्षेत्र के कारण जिले में भारी वाहनों का दबाव अधिक है। वाहनों के खराब होने या चालकों के विश्राम के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से वे सड़क किनारे खड़े रहते हैं। अवैध ढाबों और सर्विस रोड पर मरम्मत की दुकानों के बाहर भी वाहनों की कतारें लगती हैं।