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केएमपी पर छह मौतों का जिम्मेदार कौन?: प्रशासन ने शराब का ठेका किया सील, अवैध अहाते और कटों पर भी गिरी गाज

Tue, 01 Sep 2026 07:25 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

छह लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के आसपास संचालित शराब ठेकों की भी जांच शुरू कर दी। उपायुक्त ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ठेकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शराब ठेके लाइसेंस की शर्तों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होने चाहिए। 
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केएमपी एक्सप्रेसवे पर हादसे में छह लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के हुए सड़क हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत और 15 के घायल होने के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। हादसे के बाद उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच की और एक्सप्रेसवे के आसपास संचालित गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।

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घटनास्थल पर मौजूद शराब का ठेके सील - फोटो : अमर उजाला
शराब का ठेका सील
इसी दौरान घटनास्थल के पास स्थित शराब ठेके की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर उपायुक्त ने ठेके को सील कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने प्रशासनिक और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हादसे के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केएमपी और केजीपी एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों और मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संभावित दुर्घटना वाले स्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम समयबद्ध तरीके से किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को लेकर जाते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद शराब ठेकों की जांच
छह लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के आसपास संचालित शराब ठेकों की भी जांच शुरू कर दी। उपायुक्त ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ठेकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शराब ठेके लाइसेंस की शर्तों और निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होने चाहिए। घटनास्थल के पास स्थित एक शराब ठेके में अनियमितताएं मिलने पर उसे सील करने, एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने और मौके पर उपलब्ध डीवीआर को कब्जे में लेने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा वहां खड़ी बिना नंबर की मोटरसाइकिल और टेंपो को भी जब्त करने का निर्देश दिए।

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मौके पर मौजूद शराब का ठेका - फोटो : अमर उजाला
अवैध अहाते और अवैध कटों पर भी गिरी गाज
उपायुक्त ने शराब ठेकों पर संचालित अवैध अहातों को तत्काल हटाने और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही केएमपी और केजीपी एक्सप्रेस-वे पर बने अवैध कटों को भी तुरंत बंद करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर किसी भी स्थान पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग नहीं होनी चाहिए। सड़क किनारे खड़े वाहन हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं, इसलिए ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए।
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हादसे में जान गंवाले वाले - फोटो : अमर उजाला
टोल प्वाइंट पर भी मिली अनियमितता
उपायुक्त ने खखीलपुर टोल प्वाइंट का भी निरीक्षण किया। यहां अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और टोल कर्मचारियों को फटकार लगाई तथा सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक्सप्रेसवे पर विज्ञापन लगाने को लेकर भी निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करने को कहा। इससे पहले पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने भी हादसे को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और घटनास्थल के पास स्थित शराब ठेके पर बने अवैध अहाते को भी तुड़वाया था।
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दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को लेकर जाते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
सड़क किनारे खड़े वाहन बन रहे जानलेवा
जिले के विभिन्न मार्गों पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वाहन चालक नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। कोहरे के दौरान कम दृश्यता में ऐसे वाहन और अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। केएमपी-केजीपी एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19, अलीगढ़ रोड समेत अंदरूनी मार्गों पर ढाबों और सर्विस रोड के किनारे भारी वाहनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। जुलाई में केजीपी एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़े ट्राले से कार टकराने पर मेरठ के दो व्यापारियों अमित और अभिनव की मौत हो गई थी। पृथला औद्योगिक क्षेत्र के कारण जिले में भारी वाहनों का दबाव अधिक है। वाहनों के खराब होने या चालकों के विश्राम के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से वे सड़क किनारे खड़े रहते हैं। अवैध ढाबों और सर्विस रोड पर मरम्मत की दुकानों के बाहर भी वाहनों की कतारें लगती हैं।
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इसी गाड़ी में थे सभी सवार - फोटो : अमर उजाला
पार्किंग बड़ी समस्या
यातायात पुलिस नो पार्किंग में खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान काट रही है। बीते तीन महीने में 2200 वाहनों के चालान किए गए हैं। इसके बावजूद नो पार्किंग में वाहन खड़े होने की समस्या खत्म नहीं हो रही है। जिले में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से भारी वाहनों की पार्किंग की स्थायी व्यवस्था नहीं है। पलवल में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर का काम वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है।
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