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Delhi Blast: धमाके से पहले उमर संग i20 में थे दो और लोग, एक आमिर और दूसरा गुमनाम शख्स...ब्लास्ट से पहले उतर गए

Thu, 13 Nov 2025 05:16 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि हमें पूरा अंदेशा है कि धमाके से पहले कार में डॉ. उमर के साथ मौजूद दो आरोपियों में से एक आरोपी आमिर राशिद मीर था। इसके अलावा एक अन्य आरोपी का अभी तक पता नहीं चल सका है कि वो कौन था।
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Delhi Blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लाल किले के पास बम धमाके के दौरान कार में डॉ. उमर के अलावा आमिर राशिद मीर भी था। जम्मू कश्मीर पुलवामा के संबूरा के रहने वाले इसी आमिर राशिद मीर ने फरीदाबाद के सेक्टर-37 इलाके में आई-20 कार खरीदी और उसकी डिलीवरी भी खुद ही ली थी। ये पेशे से प्लंबर है और दिल्ली में धमाके से ठीक पहले कार से उतरने के बाद से गायब है। 
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संदिग्ध डॉ. मोहम्मद उमर - फोटो : पीटीआई
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि हमें पूरा अंदेशा है कि धमाके से पहले कार में डॉ. उमर के साथ मौजूद दो आरोपियों में से एक आरोपी आमिर राशिद मीर था। इसके अलावा एक अन्य आरोपी का अभी तक पता नहीं चल सका है कि वो कौन था। ये कहा जा रहा है कि धमाके से पहले ही आमिर राशिद मीर व एक अन्य आरोपी कार से उतरकर डॉ. उमर नबी बट से अलग हो गए थे। 
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Delhi Blast CCTV - फोटो : पीटीआई
आमिर राशिद मीर ने ये कार जम्मू कश्मीर पुलवामा में अपने गांव संबूरा के ही दोस्त तारिक मलिक की आईडी पर खरीदी थी। तारीक के दस्तावेज का इसमें प्रयोग किया गया। तारीक के नाम पर जारी मोबाइल सिम ही आमिर राशिद मीर प्रयोग करता है और ये पेशे से प्लंबर है। 

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मौके पर तैनात फोर्स और बरामद की गई लाल ईकोस्पोर्ट - फोटो : अमर उजाला
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आमिर राशिद मीर भी बीते कई दिनों से फरीदाबाद के धौज इलाके में मौजूद था। ये डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर के साथ ही कई दिनों तक रहा है। ऐसे में ये कई बार अल आफिया यूनिवर्सिटी परिसर में भी आया बताया जा रहा है।
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धमाके वाली जगह से मिले दो कारतूस - फोटो : अमर उजाला
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इर्द-गिर्द ही अब चल रही पूरी जांच
दिल्ली में बम धमाके और फरीदाबाद में बरामद 2900 किलो विस्फोटक की जांच अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इर्द-गिर्द की चल रही है। बुधवार को एनआईए, जम्मू कश्मीर पुलिस, यूपी एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल की अलग-अलग टीमें फरीदाबाद पहुंचीं। इन टीमों ने यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचकर यहां के स्टॉफ व छात्रों से पूछताछ की। सुबह से अलग-अलग टीमें, अपना समय लेकर इन लोगों से यहां पूछताछ में जुटी हैं। 
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दिल्ली धमाका - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को चर्चा में आई लाल ईकोस्पोर्ट
वहीं बुधवार को फरीदाबाद पुलिस को एक अन्य बड़ी कामयाबी मिली। दिल्ली धमाके में प्रयोग हुई आई20 कार के अलावा एक अन्य लाल रंग की दिल्ली नंबर की ईकोस्पोर्ट कार चर्चा में आई। ये दावा किया गया कि ये कार भी आतंकियों की आई20 कार के साथ ही दिल्ली में कई घंटे तक घूमती रही। फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार शाम लगभग साढ़े 6 बजे ये कार बल्लभगढ़ के खंदावली गांव से ढूंढ निकाली। पुलिस की ओर से केंद्रीय जांच एजेंसी को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद शाम लगभग 7 बजे फोरेंसिक की टीम इस कार तक पहुंची। 
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एनएसजी की टीम जांच करने पहुंची - फोटो : ANI
फरीदाबाद पुलिस ने खंदावली गांव में ईदगाह के पीछे खाली जगह में खड़ी कार के आस-पास के पूरे इलाके को सील कर दिया और यहां किसी को आने नहीं दिया गया। फोरेंसिक टीम अब इस कार की जांच कर रही है कि कहीं इसमें कोई विस्फोटक या अन्य हथियार तो नहीं है। फोरेंसिक टीम की क्लियरेंस के बाद ही इस कार को यहां से जब्त करने की कार्रवाई पुलिस टीम करेगी। 

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हमले के बाद छतिग्रस्त पड़े वाहन। - फोटो : PTI
अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत निसार-उल-हसन का नाम भी चर्चा में आया
वहीं अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत डॉ. निसार-उल-हसन का नाम भी बुधवार को चर्चा में रहा। ये डॉक्टर यहां छात्रों को पढ़ाते भी थे। दिल्ली बम धमाके के बाद से ये डॉक्टर यूनिवर्सिटी परिसर से फरार बताए जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो साल 2023 में डॉ. निसार-उल-हसन को जम्मू कश्मीर में प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। राज्यपाल ने उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों के चलते बर्खास्त किया था।
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दिल्ली में हुए धमाके में जले वाहन - फोटो : पीटीआई
इसके बावजूद उन्हें अल फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की नौकरी मिलना बड़ा सवाल खड़ा करता है। डॉ. निसार-उल-हसन की बेटी भी अल फलाह यूनिवर्सिटी से ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद टीमों ने उनकी बेटी से भी कई घंटे तक पूछताछ की है। देर शाम तक उससे व यहां के अन्य डॉक्टरों व छात्रों से पूछताछ का दौर जारी है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से भी अपने बयान में कहा गया है कि उनके यहां कार्यरत दो डॉक्टरों को जांच एजेंसी ने हिरासत में लिया है। वे आगे भी जांच एजेंसी को पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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