jail escape in faridabad
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शूट आउट की कहानी...प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी:
1. गोली चलने की आवाज सुनकर पहले तो कुछ समझ ही नहीं आया। इसके बाद जब एक पुलिसकर्मी को दो युवकों के पीछे भागते हुए आते देखा तो मामला समझ गया। मैं खुद भी युवकों के पीछे भागा, मगर तभी मुंह पर कपड़ा बांधे बदमाश ने तमंचे से फायर कर दिया। हालांकि यह फायर हवा में किया गया था, मगर मैं काफी डर गया और वहीं रुक गया। - अजीत सिंह, साइकिल स्टैंड ठेकेदार
2. पुलिस बदमाश एक-दूसरे पर फायरिंग कर रहे थे। समझ ही नहीं आया कि मामला क्या है। पुलिसकर्मी चिल्ला भी रहा था कि बदमाशों को पकड़ों। बदमाशों के हाथ में तमंचा था। लगातार गोलियां चल रही थीं। ऐसे में कौन मदद को आता। फिर जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक बदमाश बाइक पर बैठकर फरार हो गए। - रमेश, छोले-भठूरे वाला
3. दोनों ओर से गोलियां चल रही थीं। इससे सभी दहशत में आ गए थे। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि कहां जाएं। सड़क किनारे खुले में चाय का ठेला और सड़क पर चलती गोलियां। दिमाग जैसे शून्य हो गया था। इसी बीच रमेश की दुकान पर छोले भठूरे खा रहा एक युवक की पसलियों से खून बहने लगा। यह देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। - राम, चाय वाला