नोएडा में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के जरिये लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में एक कंपनी के पांच निदेशकों को गिरफ्तार किया गया है। कॉल सेंटर के खिलाफ जयपुर में 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। इस पर कार्रवाई करते हुए जयपुर क्राइम ब्रांच और नोएडा साइबर क्राइम सेल ने बृहस्पतिवार शाम संयुक्त कार्रवाई में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया।
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नोएडा साइबर क्राइम सेल प्रभारी निरीक्षक विवेक रंजन ने बताया कि जयपुर निवासी भगवान सहाय (64) ने वहां के अशोक नगर थाने में 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी की एफआईआर कराई थी। भगवान की शिकायत पर बृहस्पतिवार शाम नोएडा सेक्टर-दो के ए ब्लॉक में चल रही इंडो स्पायर जर्नी लिमिटेड कंपनी में छापा मारा गया। कंपनी ने जनवरी 2015 में पीड़ित को 18 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा दिया था। लॉटरी की रकम प्राप्त करने के लिए पंजीकरण के तौर पर उनसे कंपनी ने 12,000 रुपये लिए थे। इसके बाद अगस्त 2015 में टैक्स के नाम पर उनसे 15,300 रुपये खाते में जमा करा लिए गए। बाद में उन्हें झांसा दिया गया कि लॉटरी की रकम जमा रखने पर उसे शेयर मार्केट में निवेश किया जाएगा।
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शेयर मार्केट के हिसाब से ये रकम बढ़ती रहेगी, जिससे उनकी रकम लगभग दो करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके बाद कंपनी उनसे अलग-अलग झांसा देकर रकम वसूलती रही। कंपनी करीब 40 लाख रुपये वसूल चुकी है। पीड़ित ने जब रकम वापस करने को कहा तो उन्हें ये कहकर डराया जाने लगा कि उनका पूरा पैसा डूब जाएगा। कंपनी ने पीड़ित को अंतिम बार उनकी रकम 1.85 करोड़ रुपये होने का झांसा दिया था।
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पुलिस के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर नोएडा सेक्टर-दो में किराये पर चल रहा था। कॉल सेंटर में लगभग 30 कर्मचारी काम कर रहे थे। कर्मचारियों को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। कंपनी के पांच निदेशकों मोहम्मद अकरम खान, शाहिद खान, मोहम्मद यामीन, मोहम्मद आमिर और मेहराज आलम को गिरफ्तार किया गया। जयपुर क्राइम ब्रांच की टीम एसीपी पुष्पेंद्र सिंह के नेतृत्व में आई थी। नोएडा साइबर सेल की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जयपुर पुलिस पांचों को साथ ले गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से पांच लैपटॉप, 36 मोबाइल फोन और काफी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के जरिये लोगों को लॉटरी, बीमा व उपहार आदि के नाम पर ठगते थे।
भगवान सहाय को ठगने के लिए ठगों ने 14 फर्जी बैंक खातों का प्रयोग किया। इसमें ग्रेटर नोएडा के सिंडिकेट बैंक, जयपुर का ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स, दिल्ली में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, नोएडा सेक्टर-51 में पीएनबी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा दौसा राजस्थान, सिंडिकेट बैंक पिलाना, इंडियन ओरवसीज बैंक सेक्टर-63 नोएडा, आईसीआईसीआई बैंक नोएडा, एसबीबीजे बैंक सीतापुर यूपी, इंडसइंड बैंक राजस्थान, आईडीबीआई बैंक, पीएनबी कौशांबी, यूनियन बैंक दिल्ली और एएनडीबी बैंक दिल्ली की शाखाएं शामिल हैं। इन बैंक खातों में भगवान से 12 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक की रकम लगभग 20 बार जमा कराई गई। ठगों के जाल में फंस चुके भगवान के पास उनकी बात मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने कई बार परेशान होकर और रकम जमा कराने के बारे में पूछा तो उन्हें डराया जाता कि अगर वह और रकम जमा नहीं कराएंगे तो उनकी पहले जमा की हुई सारी पूंजी और निवेश के तौर पर बढ़ रही पूरी पूंजी डूब जाएगी।