भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्ष के मासूम के साथ हुई वारदात में मौके पर मौजूद चश्मदीद ने एक बड़ी हकीकत बयान की हैं। चश्मदीद का दावा है कि गला कटने के बाद भी काफी समय तक प्रद्युम्न जिंदा था। अस्पताल ले जाते समय कंडक्टर अशोक की गोद में मासूम की सांसे चल रही थी। खून से लथपथ अशोक ही प्रद्युम्न को गोद में लेकर अंदर से बाहर आया था। जिसके बाद स्कूल की गाड़ी से उसे अस्पताल ले जाया गया। अशोक के पीछे रोती बिलकती आई टीचरों व बच्चे को देख रिसेप्शन एरिया में टहल रही कार्यवाहक प्रधानाचार्या भी रोने लगी और आनन-फानन में उनके पीछे भागी।
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सुभाष गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
मौका-ए-वारदात पर मौजूद चश्मदीद सुभाष गर्ग ने मंगलवार को मीडिया के सामने आकर घटना से जुड़े कई खुलासे किए। सुभाष का बेटा रायन में ही 9वीं कक्षा का विद्यार्थी है। जिसकी फीस भरने के लिए सुभाष शुक्रवार को स्कूल गए थे। उन्होंने बताया कि वह घटना के बाद स्कूल में ही रिसेप्शन पर मौजूद थे। जहां उन्होंने प्रद्युमन को खून से सना देखा था।
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प्रद्युमन के बचपन की फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि कंडक्टर उसे बाथरूम एरिया से गोद में लेकर बाहर आया था। स्कूल की दो टीचर भी उसके पीछे रोती बिलकती आ रही थी। प्रिंसिपल कॉरिडोर में ही टहल रही थी। प्रद्युम्न को देख वह भी रोने लगी और ड्राइवरों को गाड़ी निकालने को कहा। उनका दावा है कि जब कंडक्टर उसे अंदर से बाहर अस्पताल ले जाने के लिए अपनी गोद में लाया था, तो प्रद्युम्न जिंदा था। गला कटने के बाद भी मासूम की सांसे चल रही थी।
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ryan school
- फोटो : अमर उजाला
अशोक के खून से लथपथ थे कपड़े
चश्मदीद सुभाष का दावा है कि प्रद्युम्न को लाने वाले कंडक्टर के कपड़े पूरी तरह खून से लथपथ थे। कंडक्टर की कमीज खून से सनी हुई थी। उन्होंने कंडक्टर को हिदायत दी थी कि पुलिस के आने तक न तो कपड़ों को साफ करे और न ही बदले। बावजूद इसके पुलिस के आने से पहले कंडक्टर अशोक ने अपने खून से लथपथ कपड़े धो लिए थे। जिसके लिए सुभाष ने उसे कड़ी फटकार भी लगाई। इसपर कंडक्टर ने कपड़ों में से बदबू आने के कारण उन्हें धोने की बात कही।
स्कूल प्रबंधन ने कराया फर्श पर फैला खून साफ
सुभाष ने बताया कि उन्होंने प्रद्युमन को ले-जाने के बाद घटना स्थल की वीडियो बनाई। बाथरूम के पास के एरिया को स्कूल कर्मचारियों के साथ मिलकर बेंच लगाकर बंद करवाया और पुलिस के आने तक बाथरूम को ताला लगवा दिया। उन्होंने कर्मचारियों से घटना स्थल पर कोई भी बदलाव न करने को कहा था। लेकिन बावजूद इसके पुलिस के आने से पहले स्कूल प्रबंधन ने कॉरिडोर में फर्श पर फैला खून भी कपड़े से साफ कर दिया था।