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मजबूत हो दिल तभी देखें मां-बेटे की मौत का ये सच

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रेलवे बोर्ड की सेक्रेटरी अरविंद गिल और उनके आईआईटी स्टूडेंट बेटे गगन की मौत के मामले को पुलिस आत्महत्या से जोड़कर देख रही है। शुरुआती छानबीन के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट और एसपी सिटी का अनुमान है कि बेटे को फंदे पर लटका देख मां ने हाथों की नसें काटी होंगी।
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मजबूत हो दिल तभी देखें मां-बेटे की मौत का ये सच

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हालांकि इस थ्योरी पर फाइनल मुहर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही लग पाएगी। दूसरी तरफ, पति हरमीत की आशंका पर पुलिस हत्या कर सुसाइड के एंगल से भी जांच कर रही है। हरमीत ने घटनास्थल देखने के बाद आशंका जताई है कि बेटे ने मां को मारा और फिर फंदा लगाकर जान दे दी।
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मजबूत हो दिल तभी देखें मां-बेटे की मौत का ये सच

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हालांकि इस थ्योरी पर फाइनल मुहर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही लग पाएगी। दूसरी तरफ, पति हरमीत की आशंका पर पुलिस हत्या कर सुसाइड के एंगल से भी जांच कर रही है। हरमीत ने घटनास्थल देखने के बाद आशंका जताई है कि बेटे ने मां को मारा और फिर फंदा लगाकर जान दे दी।

मजबूत हो दिल तभी देखें मां-बेटे की मौत का ये सच

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हरमीत ने बताया कि करीब तीन साल पहले प्रेम प्रसंग में असफल रहने पर बेटे ने ड्रग्स लेनी शुरू की थी। वह डिप्रेशन में था और ड्रग्स न मिलने पर इस प्रकार का कदम उठा सकता है। इंजीनियर हरमीत गिल और रेलवे बोर्ड में सेक्रेटरी अरविंद गिल की शादी करीब 25 साल पहले हुई थी। चार साल पहले दोनों के बीच विवाद हुआ और अरविंद पति से अलग वसुंधरा आकर रहने लगीं।
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हरमीत ने बताया कि गगन रुड़की से आईआईटी कर रहा था। शुक्रवार को वह वसुंधरा अपनी मां के पास आया था। रविवार शाम को उनकी अरविंद से बात हुई तो उन्हाेंने बताया कि गगन की तबियत खराब है और वह सो रहा है। इसके बाद कोई बात नहीं हुई। मंगलवार शाम को पुलिस ने उन्हें दोनाें की मौत की सूचना दी।
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हरमीत ने दावा किया कि अरविंद सुसाइड नहीं कर सकती, क्योंकि उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं थी। बेटे का दिल्ली के विमहंस अस्पताल से इलाज चल रहा था। डिप्रेशन में होने और ड्रग्स के लिए रुपये नहीं मिलने पर वह मां की हत्या कर सकता है।
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ड्राइंग रूम की दीवार पर लगे टीवी की स्क्रीन टूटी मिली है। साथ ही घर के दोनों कमरों में सामान भी बिखरा मिला, जो घटना से पहले हाथापाई और विरोध का संकेत दे रहे हैं। मेज पर कढ़ाई में चाय का पानी भरा था, जिसमें ब्लेड पड़ी थी। सोफे का कुशन भी खून में सना था।

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एक साल पहले भी की थी सुसाइड की कोशिश: हरमीत ने बताया कि करीब एक साल पहले भी गगन ने फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इसके बाद ही उसका दिल्ली के विमहंस अस्पताल में इलाज शुरू किया गया था। इससे पहले कई डॉक्टरों से उसका इलाज चल रहा था। हालांकि वर्ष 2009 में गगन का सेलेक्शन दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में हुआ था, लेकिन एक वर्ष बाद उसने आईआईटी रुड़की में दाखिला लिया था।

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बेडरूम में भी की फंदा लगाने की कोशिश: ड्राइंग रूम में गगन की लाश रस्सी से बंधी पंखे से लटकी मिली। वहीं बेडरूम के पंखे से भी एक चुन्नी बंधी मिली है। जिससे यह संकेत मिल रहा है कि बेडरूम में फंदा लगाने की कोशिश की गई थी। 9 एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में आया है कि अरविंद की नसें ब्लेड से सफाई से काटी हुई हैं। जबकि दूसरा व्यक्ति नसें काटेगा तो कई जगह ब्लेड लगेंगे।
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दोनों के शव 48 से 72 घंटे पुराने लग रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि गगन की मौत पहले हुई होगी। इसके अलावा बेडरूम के पंखे पर भी कपड़ा बंधा मिला है, या वहां भी सुसाइड की कोशिश की गई। माना जा रहा है कि वहां सुसाइड न कर पाने पर महिला ने नसें काटी होंगी।
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