अपने-अपने रीति रिवाजों से पूरा देश मकर संक्रांति का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाता है। इस पर्व पर स्नान और दान का अपना ही महत्व है। कहते हैं कि इस पर्व पर किया गया दान कभी खाली नहीं जाता और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होता है। विशेष बात ये है कि दान किस चीज का, किसे और कब दिया जा रहा है ये भी बहुत महत्वपूर्ण है। अगर सही व्यक्ति को दान ना दिया जाए तो उसका उचित फल नहीं मिलता। भगवान कृष्ण ने भी कहा है कि दान योग्य व्यक्ति को ही देना चाहिए अन्यथा उसका कोई मतलब नहीं होता।