sharath prabhu
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पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से त्रिपुर, कोयंबटूर, तमिलनाडु निवासी डॉक्टर शरत प्रभु दो साथी डॉक्टरों के साथ बी-24/एफ-2 डीडीए फ्लैट में किराए पर रहता था। इसके साथ डॉ. कार्तिक व अरविंद अलग-अलग रूम में रहते हैं। 2017 में कोयंबटूर के कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद शरत ने मई 2017 में यूसीएमएस कॉलेज में पीजी (एमडी मेडिसिन) में दाखिला लिया।