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...डॉक्टर डेथ पाल बैठा था मौत बांटने की वहशत, हर 10 दिन में करता था एक कत्ल

Thu, 30 Jul 2020 04:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली

सार

  • टैक्सी चालकों की हत्या कर किडनी निकालने का अंदेशा
  • अदालत ने करीब 80 हत्याओं में बरी कर दिया था 
  • हत्याओं की वजह का अभी तक पुलिस पता नहीं लगा पाई 
  • टैक्सी बुक करते हुए डाक्टर डेथ को दबोचा गया
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डॉ. देवेन्द्र शर्मा - फोटो : अमर उजाला
डॉ. देवेन्द्र शर्मा को मौत बांटने का शौक सा बन गया था। वह करीब-करीब हर दस दिन में एक टैक्सी चालक की हत्या करता था। वह टैक्सी चालक की तड़पा-तड़पाकर हत्या करता था। इसने जो 100 से ज्यादा टैक्सी चालकों की हत्या की है वह एक ही तरीके से की है। हालांकि गुरुग्राम पुलिस के रिकार्ड में सिर्फ 20 हत्या का जिक्र है। कोर्ट ने उसे करीब 80 हत्याओं में बरी कर दिया था। पुलिस के पास इन हत्याओं का कोई सबूत नहीं था। आरोपी इतना चालाक था कि वह किसी हत्या का कोई सबूत नहीं छोड़ता था। परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर उसे एक ही हत्या में उम्रकैद की सजा हुई है। 
 
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गिरफ्त में हत्यारा... - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार आरोपी गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, अलवर, जयपुर, रेवाडी, गुरुग्राम, बल्लभगढ़ व फरीदाबाद के टैक्सी चालकों को ही अपना शिकार बनाता था। ये अलीगढ़ के लिए टैक्सी बुक करता था। एमरजेंसी होने की बात कहकर टैक्सी चालक को ज्यादा पैसे देने की बात कहता था। रास्ते में ये टैक्सी चालक से दोस्ती गांठ लेता था। अलीगढ़ से पहले ये टैक्सी को रुकवाता और पीछे से रस्सी से चालक का गला दबाकर हत्या कर देता था। इसके बाद ये चालक के शव को हजारा नहर में फेंक देता था। 
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delhi police - फोटो : Amar Ujala
अपराध शाखा के अधिकारियों को संदेह है कि ये टैक्सी चालक की हत्या कर उनकी किडनी निकाल लेता था।  पुलिस को किसी टैक्सी चालक का अभी तक शव नहीं मिला है जिससे ये पता लग सके। ये कत्ल करने में माहिर हो चुका था और कुछ ही सेकेंड में चालक की हत्या कर देता था। गुरुग्राम व आसपास से जब टैक्सी चालक गायब होने लगे तो हरियाणा पुलिस परेशान हो गई थी। गुरुग्राम पुलिस ने टैक्सी स्टेंडों पर सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए और टैक्सी बुक करते हुए आरोपी को नौ फरवरी, 2004 को इसे गिरफ्तार कर लिया। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
आरोपी ने पुलिसकर्मियों को ये बताया कि उसने 100 से ज्यादा हत्या की हैं तो पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए थे। पुलिस कुछ ही हत्या होने की बात मानकर चल रही थी। परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर उसे टैक्सी चालक नरेश वर्मा की हत्या के केस में 14 मई, 2008 में उम्रकैद की सजा हुई थी। ये हत्या इसे सोहना-गुरुग्राम रोड पर की थी। 
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सांकेतिक चित्र - फोटो : social media
कई राज्यों की पुलिस ने उससे पूछताछ की, मगर अभी तक ये पता नहीं लग पाया कि डॉक्टर देवेन्द्र शर्मा ने इनती हत्याएं क्यों की। पुलिस उसे मानसिक रूप से बीमार होने की बात कहती रही। चाहे भौंडसी जेल हो य जयपुर जेल हर जेल में उसका कैदियों में खौफ बना हुआ है। 
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