स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो रहा है। वहीं, दिल्ली का आसमान भी धीरे-धीरे साफ हो रहा है। इससे आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में कमी दर्ज की जाएगी। हालांकि, 1 दिसंबर के बाद से पश्चिमी विक्षोभ के फिर से सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है। इससे न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। गौरतलब है कि इस बार दिल्ली की सर्दी नवंबर में 17 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिसंबर कि सर्दी का एहसास करा रही है।