दिल्ली हिंसा के शिकार अपनों के शव लेने के लिए जीटीबी अस्पताल में परिजनों को चार दिन से परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, सरकारी अस्पताल की लचर व्यवस्था उस वक्त सामने आई जब एक घायल हाथ और पैर की टूटी हड्डी के साथ जीटीबी व लोकनायक अस्पताल के चक्कर लगा रह था। इस मरीज की पूरी कहानी सोशल मीडिया पर इनायत ने जब बयां की तो स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने संज्ञान लिया।