swati maliwal
- फोटो : swati maliwal twitter account
लड़कियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग शेल्टर होम में जाते थे और संचालिका को उन्हें ठीक से रखने की सलाह देकर बाहर आ जाते थे। इससे पूर्व शेल्टर होम कॉलोनी के बाहरी हिस्से में था, इसलिए लोगों को वहां चल रही गतिविधियों के बारे में ज्यादा पता नहीं था।