सैकड़ों बच्चियों से ज्यादती करने वाले दिल्ली के सीरियल रेपिस्ट को खाली वक्त में दो टीवी कार्यक्रम देखने बहुत पसंद थे जिसकी वजह भी बेहद खास थी।
(स्टोरी साभारः इंडियन एक्सप्रेस)
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serial rapist
जब पहली बार जब सुनील की भयानक सच्चाई सामने आई थी तो उसने बच्चों की कसम खाई थी कि वह दोबारा ऐसा नहीं करेगा। उसने कहा था कि वो खुद पर काबू रखेगा लेकिन मैं उसे कभी समझ नहीं पाई। वो सिलाई छोड़ कर सोचने बैठ जाता था। वो अचानक घर से चला जाता और कई दिन बाद घर आता। एक बार उसने सिलाई मशीन को उठाकर ज़मीन पर पटक दिया और कहने लगा कि वो आगे सिलाई का काम नहीं करना चाहता।
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जब भी वह घर पर होता तो सिर्फ दो कार्यक्रम देखता- सावधान इंडिया और क्राइम पैट्रोल। दोनों प्रोग्राम सच्ची घटनाओं से प्रेरित रहते हैं। वो इन दो प्रोग्राम को ध्यान से देखा करता ऐसा लगता जैसे वो इनसे सीखने की कोशिश करता कि अपराधी किस तरह जुर्म करते हैं और पकड़े जाते हैं। सुनील की पत्नी ने कहा कि उन्होंने् कई बार आत्महत्या करने की सोची पर अपने बच्चों के बारे में सोचकर उन्होंने यह ख्याल छोड़ दिया। सुनील की 35 वर्षीय बहन की शादी इलाके के प्लंबर से हुई है।
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बिलासपुर की शारदा कालोनी के ज़्यादातर लोग इस मामले के बारे में जानते हैं। उनका कहना है कि - "सबने सुनील की पत्नी पर पाबंदी लगा दी है। मैंने उसे् अपने साथ रखा। पर अब हमें भी डर लगने लगा है।" उन्होंने बताया कि सुनील ने घर पर आज तक ऐसा कुछ नहीं किया। उनके घर पर चार बच्चियां हैं। जिनमें उनकी भी बेटी है। पता नहीं उसे बाहर जाकर क्या हो जाता है। हमने उसे सुघारने को बहुत कुछ किय़ा। लेकिन वह नहीं बदला। उन्होंने अपने भाई का बटुआ दिखाया जिसमें ट्रेन की चार टिकटें रखी थी।
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9 जनवरी का दिन उन्हें अच्छे से याद है। उनके पति और सुनील,सुनील की बेटी को दिखाने के लिए ड़ॉक्टर के पास गए थे। सुबह सुनील कहकर गया कि वो आधा-एक घंटे में लौट आएगा। लेकिन फिर वह दिनभर नहीं लौटा। सुनील के जीजा ने बताया कि सुनील की बेटी फिर खुद से ही अस्पताल गई थी। पुलिस ने बताया कि सुनील सारा दिन अकेली बच्चियों की तलाश में रहा। उसे 10 और 11 साल की दो लड़कियां मिलीं, जिन्हें वह सुनसान बिल्डिंग में ले गय़ा। खुसकिस्मती से दोनों वहां से बच निकली।
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- फोटो : अमर उजाला
इन दो बच्चियों के मामले और 13 दिसंबर के 7 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले के आधार पर पुलिस ने पाया कि मामलों में एक ही तरीका अपनाया गया है। एक आदमी बच्चियों के पास जाता है उनसे कहता है कि वह उनके पिता को जानता है और फिर उनके साथ बलात्कार करने की कोशिश करता। शुरु में कुछ मामलों की चल रही जांच ने धीरे-धीरे इस ओर मोड़ लिया कि किस तरह एक आदमी उत्तराखण्ड ,उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बच्चों को निशाना बना रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
सुनील का दावा है कि उसने 600 लड़कियों को निशाना बनाया। लेकिन पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। पूर्वी दिल्ली के डीसीपी ओमवीर बिश्नोई का कहना है कि सुनील हर हफ्ते ऐसा किया करता था। वह 13 सालों से इस तरह के अपराधों को अंजाम दे रहा था। उन्होंने लोगों से दरख्वास्त की है यदि उनके पास शिकायतें हैं तो कृपया वे सामने आएं।
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सीरियल रेपिस्ट
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों से बात करने पर पता चला कि किस तरह सुनील की नाबालिगों के प्रति अपराध की इस प्रवृत्ति से सब अच्छे से परिचित थे। इससे इस बात पर भी सवाल उठते हैं कि वो अब तक बच कैसे रहा था। मूल रूप से वह रामपुर का रहने वाला था। साल 2004-15 के बीच वह गाजियाबाद से सटे बुद्ध विहार गली नं.23 में रहता था। इस बीच वह चार बार जेल गया जिसमें से दो बार नाबालिग बच्चियों का अपहरण करने के चलते उसे जेल जाना पड़ा।
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सीरियल रेपिस्ट
- फोटो : अमर उजाला
नाम न बताए जाने की शर्त पर एक इलैक्ट्रीश्यन ने बताया कि सुनील लोगों से कर्ज़ा लेकर लौटाता नहीं था। खुद उससे उसने 6 लाख का कर्ज लिया लेकिन लौटाया नहीं। एक बार तो एक नाबालिग के मामले में सुनील की बेतहाशा पिटाई हुई थी। सुनील के एक दूर के रिश्तेदार मनीष रस्तोगी ने बताय़ा कि सुनील की इस तरह की हरकतों के चलते उसके परिवार को बिलासपुर आना पड़ा। उन्होंने बताया कि सुनील जिन लड़कियों पर हमला किया करता उनके कान की बालियां चुरा लिया करता। जिसे् बाद में वह बेच देता था।
नोएडा,गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक सुनील को कई बार हिरासत में लिया गया। जिनमें अपहरण के मामले,गलत तरीके से रोकने और ड्रग रखने् जैसे मामले उस पर थे। लेकिन हर बार वो किसी न किसी को अपनी बेल करवाने के लिए मना लिया करता था।