फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Stampede: ज्यादातर के छाती और पेट में चोट... टूट गई थीं निचले हिस्से की हड्डियां; सामने आई मौत की वजह

Mon, 17 Feb 2025 09:40 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं। ज्यादातर मृतकों को शरीर के निचले हिस्से में चोट लगी और हड्डियां टूट गई। दो सदस्यीय समिति ने भगदड़ मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
1 of 12
Delhi Stampede - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को लेकर दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि प्रयागराज जाने वाली दो ट्रेनों के एक जैसे नाम के चलते भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इससे ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई और भगदड़ मच गई। 

हादसे में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है, जबकि 15 लोग घायल हैं। मृतकों में 14 महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुई। ज्यादातर मृतकों को शरीर के निचले हिस्से में चोट लगी थी। उनकी हड्डियां टूट गई थीं। इस बीच, दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। 
विज्ञापन

2 of 12
स्टेशन पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
एक नाम वाली दो ट्रेनों पर भ्रम से मची भगदड़
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि प्रवागराज एक्सप्रेस और प्रयागराज स्पेशल नाम की दो समान नाम वाली ट्रेनों को लेकर भ्रम हुआ। अफरा-तफरी तब शुरू हुई, जब प्लेटफॉर्म संख्या 16 पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के आने की घोषणा की गई। इस घोषणा से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि प्रयागराज एक्सप्रेस पहले से ही प्लेटफॉर्म संख्या 14 पर खड़ी थी। ऐसे में जो लोग प्लेटफॉर्म संख्या 14 पर अपनी ट्रेन तक नहीं पहुंच सके थे, उन्हें लगा कि उनकी ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या 16 पर आ रही है और वे उस तरफ भागे। 
विज्ञापन

3 of 12
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा - फोटो : अमर उजाला
25 फीट चौड़ा था फुटओवर ब्रिज
नतीजतन वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी और भगदड़ मच गई। पुलिस ने बयान में कहा, इसके अतिरिक्त, प्रयागराज जाने वाली चार ट्रेनें थीं, जिनमें से तीन देरी से चल रही थीं, जिससे अप्रत्याशित भीड़ हो गई। प्लेटफॉर्म संख्या 12 से मगध एक्सप्रेस, 13 से स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और 15 से भुवनेश्वर राजधानी रवाना होने वाली थी। जब प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या 16 पर आने की घोषणा हुई, तो इन प्लेटफॉर्म से भी लोग 16 की तरफ भागे। वहां तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता 42 सीढ़ियों वाले संकरे रास्ते से होते हुए 25 फीट चौड़ा फुटओवर ब्रिज था। 

4 of 12
ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी - फोटो : पीटीआई
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
अचानक लोगों के आने से सीढ़ियों पर भीड़ बढ़ गई और लोग फंस गए। उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक नरसिंह देव और प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार की दो सदस्यीय समिति ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। नरसिंह देव ने कहा, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी लेंगे। समिति कारणों का पता लगाने के साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय भी सुझाएंगी। सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। 
विज्ञापन

5 of 12
विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
मां के गम में डूबीं आंखें 
दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। दिल्ली के संगम विहार की पिंकी देवी (38), दो बेटियों और भाई के परिवार के साथ प्रयागराज जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। भगदड़ में उनकी जान चली गई। दोनों बेटियां बेसहारा हो गई। पिंकी के भाई संजय कुमार ने बताया कि शनिवार को 

प्लेटफॉर्म पर सीढ़ियों से उत्तर ही रहे थे कि अचानक भगदड़ मच गई। सैकड़ों लोग फंस गए, लेकिन बचाने कोई नहीं आया। मैंने किसी तरह अपनी बेटी और पत्नी को भीड़ से बाहर निकाला, लेकिन बहन पिंकी फंसी रह गई। बाद में बेहोशी की हालत में हम उसे अस्पताल लेकर भागे, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। 
विज्ञापन

6 of 12
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़ी एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
छाती-पेट में चोट और निचले हिस्से की हड्डियां टूटीं 
भगदड़ में घायल लोगों को राम मनोहर लोहिया व लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरएमएल के डॉक्टरों ने बताया कि शवों के पोस्टमार्टम में पाया गया कि अधिकतर लोगों को छाती और पेट में चोट लगी और दम घुटने से जान गई। 

आरएमएल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा, हमें पांच शव प्राप्त हुए, जिनमें एक पुरुष तथा चार महिलाएं थीं। शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। एलएनजेपी अस्पताल के सूत्रों ने बताया, ज्यादातर मृतकों को शरीर के निचले हिस्से में चोट लगी और हड्डियां टूट गई। 
 
विज्ञापन

7 of 12
विलाप करते परिजन - फोटो : पीटीआई
मृतकों में नौ दिल्ली और 8 बिहार के
मृतकों में 9 दिल्ली, बिहार के आठ और हरियाणा का एक व्यक्ति शामिल है। मृतकों में 14 महिलाएं, 3 बच्चे व एक पुरुष है। 

8 of 12
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख 
रेलवे की ओर से मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2.5 लाख और मामूली रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। बिहार सरकार ने राज्य के मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50,000 रुपये मुआवजे का एलान किया है। 
 

9 of 12
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ - फोटो : पीटीआई
प्लेटफॉर्म 16 से चलेंगी सभी प्रयागराज स्पेशल 
उत्तर रेलवे ने स्टेशन पर हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। रेल मंत्रालय के मुताबिक, महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली सभी विशेष ट्रेनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 16 से ही चलाने का फैसला किया गया है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म-16 पर आने-जाने के लिए स्टेशन के अजमेरी गेट साइड का उपयोग करने की सलाह दी गई है। नियमित ट्रेनें पहले की तरह ही सभी प्लेटफॉर्म से चलाई जाएंगी। 

 

10 of 12
ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी - फोटो : पीटीआई
उत्तर रेलवे ने बताया, रविवार को चार विशेष ट्रेनें प्रयागराज भेजी गई। पांच विशेष ट्रेनें सोमवार को जाएंगी। रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। यात्री सुनी-सुनाई बातों पर प्लेटफॉर्म न बदलें और आधिकारिक घोषणा का सख्ती से पालन करें। ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 139 की मदद लें। 

11 of 12
आरपीएफ जवानों की तैनाती बढ़ी - फोटो : पीटीआई
जीआरपी व आरपीएफ जवानों की तैनाती बढ़ी
  • भीड़ काबू करने के लिए नई दिल्ली स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी के जवानों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। यात्रियों को प्लेटफॉर्म की ओर जाने में सहायता कर रहे हैं। 
  • दिल्ली पुलिस की भी छह अतिरिक्त कंपनियां लगाई गई हैं। 
विज्ञापन

12 of 12
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ - फोटो : पीटीआई
यूपी के प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा अलर्ट 
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, कानपुर, लखनऊ और मिर्जापुर समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। उत्तर मध्य रेलवे के शशिकांत त्रिपाठी ने कहा, हम पहले से स्थापित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर रहे हैं, जिसे मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी जैसे त्योहारों के दौरान सफलतापूर्वक लागू किया गया था। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें