दिल्ली में एक इमारत में लगी आग ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को लील लिया, जिसमें कुल 19 सदस्य थे। परिवार के सदस्य कौशल कश्यप (42), अपने भतीजों को सच बताने से हिचकिचा रहे हैं। कौशल ने बताया कि "मैं उन्हें यह कैसे बता सकता हूं कि उनकी मां, भाई, बहन, भाभी और तीन भतीजियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे खुद इतनी नाजुक स्थिति में हैं?"
दिल्ली के पालम में हुई भीषण आगजनी की घटना ने झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं दो भाइयों, अनिल (32) और सचिन (28), को इस दुखद सच से अनजान रखा जा रहा है।
दोनों भाई आग में गंभीर रूप से झुलस गए हैं और फिलहाल शहर के दो अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती दोनों भाइयों को यह बताने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं कि उनके अपने अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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Delhi Fire
- फोटो : अमर उजाला
यह हृदयविदारक घटना बुधवार को पालम कॉलोनी की एक चार मंजिला रिहायशी-सह-व्यावसायिक इमारत में हुई। आग इतनी भीषण थी कि उसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में परिवार की मुखिया लाडो कश्यप (70), उनके तीन बच्चे कमल (39), प्रवेश (33) और हिमांशी (22), कमल की पत्नी आशु (35) और उनकी तीन बेटियां निहारिका (15), इवानि (6) और जैसिका (3) के साथ-साथ अनिल की पत्नी दीपिका (28) की भी जान चली गई।
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Delhi Fire
- फोटो : अमर उजाला
सच छिपाने की कोशिश, दिल दहला देने वाले बयान
इस आग ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को लील लिया, जिसमें कुल 19 सदस्य थे। परिवार के सदस्य कौशल कश्यप (42), अपने भतीजों को सच बताने से हिचकिचा रहे हैं। कौशल ने बताया कि "मैं उन्हें यह कैसे बता सकता हूं कि उनकी मां, भाई, बहन, भाभी और तीन भतीजियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। वे खुद इतनी नाजुक स्थिति में हैं?" उन्होंने आगे कहा, "मैंने उन्हें बताया है कि सभी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मुझमें सच कहने का साहस नहीं है।"
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पालम इलाके में बुधवार को हुए अग्निकांड घटनास्थल पर बृहस्पतिवार को फॉरेंसिक टीम जांच करते हुए
- फोटो : भूपिंदर सिंह
हादसे के वक्त, कौशल ने दीपिका से फोन पर बात की थी, जो मदद की गुहार लगा रही थी। दीपिका ने कहा था, "जल्दी आओ। हमारा घर जल रहा है। मैं सांस नहीं ले पा रही हूं।" इसके बाद फोन कट गया और फिर कोई संपर्क नहीं हो सका।
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पालम इलाके में बुधवार को हुए अग्निकांड घटनास्थल पर बृहस्पतिवार को फॉरेंसिक टीम जांच करते हुए
- फोटो : भूपिंदर सिंह
आग का मंजर और बचाव कार्य की विफलता
आग की लपटों में घिरे घर से लोगों को निकालने का प्रयास भी अत्यंत दर्दनाक रहा। दूसरी मंजिल पर मौजूद लाडो और हिमांशी के शव बुरी तरह जल चुके थे। सचिन, जो उसी मंजिल पर था, आग की चपेट में आने से पहले छत पर भागने में सफल रहा, लेकिन उसे 25% तक जलने की चोटें आईं। उसका चेहरा, सिर, छाती और हाथों पर गंभीर चोटें हैं और वह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है।
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पालम भीषण अग्निकांड: एक नहीं, चार छेद कर छत और दीवार तोड़ी गई
- फोटो : भूपिंदर सिंह
अनिल और उसकी एक साल की बेटी मिताली, आग लगने के करीब 90 मिनट तक तीसरी मंजिल की बालकनी में फंसे रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनिल अपनी बेटी मिताली को रस्सी से नीचे उतारने की कोशिश कर रहा था, तभी वह रस्सी गर्मी के कारण टूट गई और मिताली नीचे गिर गई।
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पालम भीषण अग्निकांड: इमारत और उसके आसपास कुछ इस तरह का माहौल रहा।
- फोटो : भूपिंदर सिंह
उसे पैर में गंभीर चोटें आईं। कुछ ही मिनटों बाद, अनिल भी बेहोशी के कारण नीचे खड़ी फायर टेंडर पर गिर गया, जिससे उसे सिर में गंभीर चोट आई। अनिल और मिताली को द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरी मंजिल पर फंसे अन्य लोगों की मौत धुएं के कारण हुई।
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पालम भीषण अग्निकांड: इमारत और उसके आसपास कुछ इस तरह का माहौल रहा।
- फोटो : भूपिंदर सिंह
दो भाइयों के पिता, 70 वर्षीय राजेंद्र कश्यप इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उनका परिवार पालम कॉलोनी के राम चौक मार्केट में आर्टिफिशियल ज्वैलरी, कॉस्मेटिक्स और कपड़ों की दुकान चलाता था। आग लगने के कारण उनका घर और दुकान सब कुछ तबाह हो गया।
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परिवार के मुखिया राजेंद्र कश्यप को परिचित और आसपास के लोग ढांढस बंधाते नजर आए।
- फोटो : भूपिंदर सिंह
राजेंद्र ने कहा, "मुझे अपने परिवार से मदद की गुहार लगाने वाले फोन आए थे। मैं गोवा में था और कुछ नहीं कर सका। मैंने रिश्तेदारों, पड़ोसियों, दोस्तों को मदद के लिए भेजा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैंने अपने सभी परिजनों को खो दिया है।"
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परिवार के मुखिया राजेंद्र कश्यप को परिचित और आसपास के लोग ढांढस बंधाते नजर आए।
- फोटो : भूपिंदर सिंह
उन्होंने रोते हुए कहा, "सब कुछ बर्बाद हो गया है... मेरी पत्नी... मेरे बेटे... वे बच्चे सब चले गए। यह व्यवस्था की विफलता है। उनकी गलती के कारण मेरा परिवार चला गया। उन सभी को बचाया जा सकता था।"
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मृतक कमल और आशु की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग शॉर्ट-सर्किट के कारण लगी थी, लेकिन इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। आग बुझाने में सात घंटे लगे। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में अग्नि सुरक्षा नियमों और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार को इस असहनीय दुख से उबरने में लंबा समय लगेगा।
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मृतका लाडो की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पालम में चार मंजिला इमारत में आग से एक ही परिवार के तीन बच्चों समेत नौ की मौत
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, उनकी तीन पोतियों समेत एक ही परिवार के नौ सदस्यों की मौत हो गई। एक पोती की उम्र मात्र तीन साल थी। तीन लोग घायल हैं, जिनमें से दो लोगों ने आग से बचने के लिए इमारत से छलांग लगाई थी। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसकी जांच की जा रही है।
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मृतका हिमांशी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सुबह 7:04 बजे पालम गांव थाने में आग लगने की सूचना पर मौके पर राहत और बचाव टीम भेजी गई। करीब 30 फायर टेंडर और 11 एम्बुलेंस के साथ पुलिस, बीएसईएस, एयर फोर्स पुलिस और एनडीआरएफ के कर्मियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया। पालम मेट्रो स्टेशन के पास राम चौक मार्केट में स्थित इस इमारत में हादसे के समय 15 लोग मौजूद थे।
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मृतका प्रवेश की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इमारत के बेसमेंट, भूतल और पहली मंजिल पर कपड़े तथा सौंदर्य प्रसाधन का शोरूम था, जबकि शोरूम के मालिक व राम चौक बाजार के अध्यक्ष राजेंद्र कश्यप अपनी पत्नी, पांच बेटों, एक बेटी, चार बहुओं और सात पोते-पोतियों के साथ दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहते थे। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने इमारत की दीवार तोड़कर पीड़ितों को बचाने की कोशिश की। पड़ोसियों ने बताया कि आग शुरू में पहली मंजिल पर लगी थी, लेकिन देखते ही देखते पूरी इमारत को चपेट में ले लिया।
दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
मृतकों की पहचान
राजेंद्र की पत्नी लाडो (70), बेटे प्रवेश (33) और कमल (39), कमल की पत्नी आशु (35) और उनकी तीन बेटियां जिनकी उम्र 3, 6 और 15 साल थी। लाडो की बेटी हिमांशी (22) और बहू दीपिका (28) की भी मौत हो गई।