ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों की शनिवार सुबह की शुरुआत घने धुंध (स्मॉग) से हुई। इस दौरान दृश्यता 700 मीटर तक पहुंच गई। सुबह से ही प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी की सीमा पर पहुंच गया। सुबह कुछ देर की बारिश प्रदूषण को धुल पाई।
विज्ञापन
2 of 5
delhi pollution
- फोटो : ANI
शनिवार दोपहर करीब दो बजे ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 443 दर्ज किया गया। हालांकि शाम पांच बजे यह स्तर 409 पर आ गया। दिल्ली स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक डॉ. महेश पलावता ने बताया कि हल्की बारिश के बाद आर्द्रता में इजाफा हुआ।
विज्ञापन
3 of 5
delhi pollution
- फोटो : ANI
इसके बाद धूल और प्रदूषण के कण वायुमंडल की निचली सतह पर एकत्र हो गए। वहीं, हवा नहीं चलने से वायु प्रदूषण रुका रहा। शनिवार को वायु की रफ्तार तीन किमी प्रति घंटे से भी कम रही।
4 of 5
delhi pollution
- फोटो : ANI
डॉ. पलावता ने बताया कि यह कोहरा नहीं बल्कि स्मॉग की चादर है। सुबह 6:30 बजे बारिश के बाद दृश्यता में कमी रही। रविवार को भी हवा नहीं चलने से कोहरा रहने की संभावना जताई गई है।
वाहनों की रफ्तार थमी
सुबह और देर शाम को घने स्मॉग की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार कम रही। विशेषकर सुबह पांच से आठ बजे तक वाहन चालाकों को अधिक दिक्कत हुई।