डॉक्टर ने ली नौकरानी की जान
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आरोपी की पत्नी भी डॉक्टर
पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था। करीब 10 वर्षों से डिप्रेशन की दवाई खा रहा था। हाल ही में उनके बेटे ने 12वीं पास किया था और कॉलेज में दाखिला करवाया था। मगर बेटा कॉलेज नहीं जा रहा था। वह मीना को किसी बात पर काम से हटाना चाहते थे, इस कारण हत्या कर दी। हालांकि पुलिस देर रात तक उससे लगातार पूछताछ कर रही थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पत्नी भी डॉक्टर हैं। इनका एक क्लीनिक घर में है, जबकि दूसरा साकेत में है। आरोपी डॉक्टर नेशनल हार्ट इंस्टीट़्यूट में भी बैठता था। घर पर डॉ. मनीष गुप्ता नाम से ही क्लीनिक है।