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मेड का मर्डर: 15 साल से काम कर रही थी मीना, फिर डॉक्टर ने क्यों ली जान? सामने आ रहा तंत्र-मंत्र और काला जादू

Thu, 18 Jun 2026 10:17 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था। करीब 10 वर्षों से डिप्रेशन की दवाई खा रहा था। हाल ही में उनके बेटे ने 12वीं पास किया था और कॉलेज में दाखिला करवाया था। मगर बेटा कॉलेज नहीं जा रहा था। वह मीना को किसी बात पर काम से हटाना चाहते थे, इस कारण हत्या कर दी।
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मेड मीना और डॉक्टर का घर - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पूर्वी जिले के माउंट कैलाश इलाके में एक डॉक्टर ने घरेलू सहायिका की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपित डॉ. मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि डॉक्टर डिप्रेशन में था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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डॉक्टर का घर - फोटो : अमर उजाला
बैट और चाकू से हमले की बात कबूली
डॉक्टर ने घर की छत पर पहले बैट से कोलकाता निवासी मीना हलदर के सिर पर ताबड़तोड़ हमले किए। इसके बाद चाकू से गला रेत दिया। हत्या करने के बाद आरोपी शव के पास बैठा रहा। वारदात के बाद घरेलू सहायिकाओं ने हंगामा किया। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि डॉक्टर मनीष गुप्ता घटनास्थल पर ही मिला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने महिला पर बैट से हमला करने और फिर चाकू घोंपने की बात कबूल की। 
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मीना - फोटो : अमर उजाला
15 साल से काम कर रही थी मीना 
दो महीने पहले ही यहां आईआरएस अधिकारी की बेटी की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस वारदात का आरोपी पूर्व घरेलू सहायक था। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे सूचना मिली। सूचना यहां रहने वाले सीनियर सिटीजन ने दी थी। आरोपी की पहचान ए-9, माउंट कैलाश में रहने वाले त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता के तौर पर हुई है और पीड़िता उसके यहां करीब 15 वर्ष से घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर रही थी।

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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
तंत्र-मंत्र की बात से पुलिस का इनकार
पुलिस उपायुक्त ने हत्या को काले जादू या तंत्र-मंत्र से जोड़ने वाली अटकलों को भी खारिज किया और कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई पहलू सामने नहीं आया है। घटनास्थल की जांच करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए अपराध टीम को बुलाया गया। आसपास की इमारतों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और घटना के बारे में जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।
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डॉक्टर ने ली नौकरानी की जान - फोटो : अमर उजाला
आरोपी की पत्नी भी डॉक्टर
पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था। करीब 10 वर्षों से डिप्रेशन की दवाई खा रहा था। हाल ही में उनके बेटे ने 12वीं पास किया था और कॉलेज में दाखिला करवाया था। मगर बेटा कॉलेज नहीं जा रहा था। वह मीना को किसी बात पर काम से हटाना चाहते थे, इस कारण हत्या कर दी। हालांकि पुलिस देर रात तक उससे लगातार पूछताछ कर रही थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पत्नी भी डॉक्टर हैं। इनका एक क्लीनिक घर में है, जबकि दूसरा साकेत में है। आरोपी डॉक्टर नेशनल हार्ट इंस्टीट़्यूट में भी बैठता था। घर पर डॉ. मनीष गुप्ता नाम से ही क्लीनिक है।
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