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कंझावला कांड में सामने आया खौफनाक सच: दर्द से चीख रही थी कार में फंसी अंजलि...गाड़ी दौड़ाते रहे दरिंदे

Wed, 04 Jan 2023 09:01 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Delhi Case - फोटो : अमर उजाला
पूरे देश को झकझोर देने वाली दिल्ली के सुल्तानपुरी हादसे के दौरान कार में फंसी अंजलि दर्द से चीखती रही, मगर पांचों दरिंदे गाड़ी दौड़ाते रहे। आरोपियों को पता था कि उन्होंने स्कूटी सवार अंजलि को टक्कर मारी थी। उन्हें यह भी पता था कि कार में युवती फंसी थी और उसे गिराने के लिए जानबूझकर दो बार यू-टर्न लिया और उसके गिरते ही फरार हो गए। अंजलि को 13 किमी तक घसीटने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। आरोपियों ने बताया कि स्कूटी में टक्कर मारने के ढाई किमी बाद उन्हें लगा कि कार में कुछ अटका हुआ है। 
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अंजलि का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो कार के नीचे बाहर निकला हुआ हाथ दिखाई दिया। वह कार से उतरने लगे तभी उन्होंने कुछ दूरी पर पीसीआर गाड़ी खड़ी देखी, तो भाग निकले। इसके बाद वे कार को घुमाते हुए सुनसान जगह पर पहुंच गए। 

 
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Delhi Case - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कार सुल्तानपुरी, अमन विहार, प्रेम नगर व कंझावला थाना इलाके से गुजरी। आरोपियों को दो पिकेट मिलीं। जब उन्हें लगा कि युवती कार से गिरी नहीं है, तो जानबूझकर दो बार यू-टर्न लिया। 

 

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Delhi Case - फोटो : अमर उजाला
दूसरे यू-टर्न में युवती कार से नीचे गिर गई। इसके बाद, आरोपी कार मालिक आशुतोष के घर गए। आरोपियों ने बताया कि वे दोस्त मनोज मित्तल को घर छोड़ने किशन विहार जा रहे थे। वहीं पर स्कूटी को टक्कर मारी थी।

 
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Delhi case - फोटो : अमर उजाला
आरोपी और युवती में कोई संबंध नहीं  
पुलिस के अनुसार, मोबाइल कॉल डिटेल से पता लगा है कि आरोपियों व अंजलि और उसकी सहेली का आपस में कोई संबंध नहीं था। सीसीटीवी फुटेज में होटल से सहेली के साथ निकलती दिखी सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हादसे से कुछ देर पहले अंजलि की सहेली भी उसके साथ मौजूद थी। दोनों रात करीब 1:31 बजे रोहिणी के सेक्टर-23 के एक होटल से एक साथ निकलती दिख रही हैं। 

 
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Delhi case - फोटो : एएनआई
शुरुआत में सहेली स्कूटी चलाकर ले जाती दिखती है। बाद में अंजलि अपनी सहेली को उसके घर के पास छोड़ने जाती दिख रही है। इसके चंद मिनटों बाद वह हादसे का शिकार हो गई। 

 
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Delhi case - फोटो : अमर उजाला
साथ थी सहेली, हादसे के बाद भाग गई थी घर
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सागर प्रीत हुड्डा ने बताया, सुल्तानपुरी की घटना में एक नया तथ्य सामने आया है, जिसके अनुसार घटना के वक्त युवती के साथ उसकी सहेली भी थी। हादसे के बाद लड़की डर के मारे भाग गई थी। उसका बयान सीआरपीसी 164 के तहत दर्ज किया गया है। 

 

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Delhi case - फोटो : अमर उजाला
होटल में हुआ था झगड़ा : मैनेजर 
होटल मैनेजर ने बताया कि अंजलि व उसकी दोस्त निधि का होटल में झगड़ा हुआ था। उसके बाद दोनों स्कूटी पर निकली थी। पुलिस के अनुसार उन्होंने कुछ लड़कों को हिरासत में लिया, जो उन लड़कियों से बात करते दिखे थे।

 

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Delhi case - फोटो : अमर उजाला
नहीं हुआ था दुष्कर्म, ज्यादा खून बहने से मौत 
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से पुलिस ने दावा किया कि अंजलि के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था। उसकी मौत घिसटने की वजह से आई चोटों और अत्यधिक खून बहने से हुई। 

 

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Delhi Accident Case - फोटो : अमर उजाला
सहेली समय से बता देती तो युवती जिंदा होती
बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका की सहेली अगर समय रहते ही कदम उठा लेती तो शायद युवती जिंदा होती। सहेली को पता था कि मृतका कार के नीचे गिर गई है। ऐसे में सहेली ने कुछ क्यों नहीं किया। इस पर सवाल खड़े होते हैं।

 

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Delhi Accident Case - फोटो : अमर उजाला
सहेली ने मौके पर होते हुए कुछ क्यों नहीं किया। उसने कार सवार युवकों को बताकर कार को रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया। 
आरोपियों की कार मौके पर कुछ सेकेंड रही थी। जब आरोपी कार को लेकर भागने लगे तो उसने पुलिस को कॉल क्यों नहीं की। 
सहेली ने स्कूटी से आरोपियों का पीछा क्यों नहीं किया। सहेली की कोई और मंशा तो नहीं थी।  होटल में मृतका व सहेली का झगड़ा किस बात पर हुआ था।

 
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पुलिस की गिरफ्त में पांचों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
ध्वस्त हो गई है पुलिस की प्रतिक्रिया प्रणाली : किरण बेदी
पूर्व आईपीएस अफसर किरण बेदी ने कंझावाला कांड मामले में मंगलवार को कहा, मुझे लगता है कि पुलिस प्रतिक्रिया प्रणाली ध्वस्त हो गई है। पहले पुलिस कंट्रोल रूम वैन होती थी। उसमें मोबाइल पुलिस फोर्स रहती थी। पूरी दिल्ली में सैकड़ों की संख्या में पुलिस वैन होती थी। यह एक बहुत अच्छी तरह से स्थापित प्रणाली थी, जिसे संबंधित पुलिस आयुक्तों द्वारा वर्षों में विकसित किया गया था। कभी-कभी, मुझे समझ नहीं आता कि कब और क्यों सिस्टम को खत्म कर दिया गया।
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