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- फोटो : अमर उजाला
उधर त्रिपुरा के पवेलियन में प्रसिद्ध रबड़ के क्षेत्र के बारे में बताया जा रहा है। पवेलियन के अधिकारी टिकू राय ने बताया कि त्रिपुरा में हजारों परिवार रबड़ के पेड़ों पर निर्भर हैं। किसान 40 वर्ष तक पेड़ के दूध से रबड़ बनाता है और इसके बाद इस पेड़ से फर्नीचर बना लेता है जिसकी कीमत अन्य के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। पेड़ की टहनियों से बने सुंदर खिलौने, चिड़िया सहित अन्य सामान बच्चों में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।