दक्षिण-पूर्व दिल्ली के जैतपुर स्थित हरिनगर पार्ट-2 में शनिवार सुबह बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक समाधि स्थल की ऊंची दीवार खाली प्लाट में बनी झुग्गियों पर भरभराकर गिर गई। चपेट में आने से दो मासूमों समेत सात की मौत हो गई। एक की हालत नाजुक है।
दिल्ली के जैतपुर के हरिनगर पार्ट-2 में बनीं झुग्गियों में लोग बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। अमूमन सभी लोग सात-आठ बजे तक काम पर निकल जाते थे लेकिन शुक्रवार रात से हो रही बारिश की वजह से सभी अपनी-अपनी झुग्गियों में थे। इसी दौरान शनिवार सुबह अचानक धड़ाम की आवाज आई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने तेज आवाज और फिर लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनी तो मौके की ओर भागे। लोगों ने देखा कि चौधरी साहब की समाधि की दीवार झुग्गियों पर आ गिरी थी। लकड़ी के फट्टों और तिरपाल से बनीं झुग्गियां कागज की तरह ढह चुकी थीं। मलबे में से लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी।
विज्ञापन
2 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
हसीबुल की टूटी कमर की हड्डी
वहीं से किसी ने पुलिस को कॉल की और मदद को भागे। सबसे पहले हसीबुल को मलबे से निकालकर एक जगह लिटाया गया। उसकी कमर की हड्डी टूटी हुई थी, शरीर में बाकी जगह भी फ्रेक्चर लग रहा था।
विज्ञापन
3 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों ने मलबे से लोगों को निकालना शुरू किया। खून से लथपथ कुछ लोगों की सांसें थम चुकी थीं। कुछ लोगों की सांसें अटक-अटककर आ रही थीं। इस बीच पुलिस भी पहुंच गई। शुरुआत में पांच-छह पुलिसकर्मी पहुंचे लेकिन बाद में पूरे थाने को ही बचाव के लिए मौके पर बुला लिया।
4 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
हादसे की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ऐश्वर्या शर्मा व एसीपी रवि शंकर भी मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
5 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
ऑटो, पीसीआर वैन और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। कुछ ने अस्पताल जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। कुछ की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पड़ोसी आनंद ने बताया कि सबसे पहले वह ही बचाव के लिए पहुंचा था।
विज्ञापन
6 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
करमचंद ने बताया कि छह झुग्गियों पर मलबा गिरा था। उसमें से चार में ही लोग मौजूद थे। एक ही झुग्गी में चार लोग निकले थे। करमचंद ने बताया कि उसने बच्चियों को खून से लथपथ हालत में मलबे से निकालकर ऑटो से अस्पताल भेजा था। सत्यभान व टीकचंद ने बताया कि हादसे के समय वह घर में चाय पी रहे थे। आवाज सुनी तो देखा कि दीवार गिरी हुई थी।
विज्ञापन
7 of 14
जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
जैतपुर में समाधि स्थल की दीवार झुग्गियों पर गिरी
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के जैतपुर स्थित हरिनगर पार्ट-2 में शनिवार सुबह बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक समाधि स्थल की ऊंची दीवार खाली प्लाट में बनी झुग्गियों पर भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शोर-शराबे के बीच पड़ोसी मदद को भागे। बाद में पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई।
8 of 14
दिल्ली में दीवार गिरने से हादसा
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने मलबे में दबे आठ लोगों को तुरंत एम्स ट्रामा सेंटर के अलावा सफदरजंग अस्पताल भेजा। जहां दो मासूम बच्चियों समेत सात लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
9 of 14
दिल्ली के जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अलावा दमकल की आठ गाड़ियां, एनडीआरएफ, नगर निगम, एंबुलेंस और अन्य बचाव दल ने काम शुरू कर दिया। दोपहर बाद तक बचाव का काम चला। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने लापरवाही से मौत और लापरवाही बरतकर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बाकी लोगों के बयान लेकर मामले की जांच कर रही है।
10 of 14
जैतपुर के हरिनगर में दीवार गिरने से झुग्गी में रहने वाले सात लोगों की मौत, विलाप करते परिजन
- फोटो : जी पाल
खाली प्लाट में बनी झुग्गियां काफी गहराई में थीं
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि समाधि स्थल को मिट्टी का भराव करके बनाया गया था। खाली प्लाट में बनी झुग्गियां काफी गहराई में थीं। बारिश की वजह से दीवार की बुनियाद में पानी गया। बिना पिलर के बनी ऊंची दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। क्राइम टीम व एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
11 of 14
दिल्ली के जैतपुर में गिरी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि उनकी टीम को शनिवार सुबह करीब 9.13 मिनट पर सूचना मिली थी कि जैतपुर स्थित मोहन बाबा मंदिर, हरिनगर पार्ट-2 में एक दीवार गिर गई है। घटना से थाना नजदीक ही थी। चंद ही मिनटों में कई पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए और लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू कर दिया।
12 of 14
रुबीना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बचाव कार्य के समय तेज बारिश हो रही थी। इस वजह से राहत कार्य में दिक्कत हुई। पुलिस ने आनन-फानन मलबे से निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन पुरुष, दो महिलाएं और दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं एक की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के चंद ही मिनटों पर सभी को निकालकर अस्पताल भेज दिया गया।
13 of 14
रुकसाना का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बाद में सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ, नगर निगम व अन्य टीम वहां पहुंची। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। छानबीन के दौरान पता चला है कि गांव के पूर्व प्रधान और उनकी पत्नी की यहां समाधि बनी हुई है। समाधि बनाने के लिए उसके मालिकों ने कई फीट उसका भराव किया हुआ है।
ऐसे में समाधि स्थल की दीवार खाली प्लाट में 10 फीट हो गई थी। इसी दीवार से लगकर झुग्गियां बनी हुई थीं। यहां पश्चिम बंगाल और असम के लोग रहते हैं। बारिश के दौरान करीब 90 फीट लंबी दीवार छह झुग्गियों पर गिर गई। हादसे के समय चार झुग्गियों में ही यह सभी लोग मौजूद थे, जो मलबे के नीचे दब गए। मरने वालों में एक ही परिवार के चार लोग भी शामिल हैं। सभी कूड़ा बीनने के अलावा मजदूरी करते थे।