दिल्ली के मालवीय नगर में होटल के पास रहने वाले मोहम्मद वसीम ने बताया कि आग ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। आसपास घनी आबादी है और कई मकानों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। गनीमत रही कि आग होटल परिसर और उसके आसपास तक ही सीमित रही।
विज्ञापन
1 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग, जान बचाने के लिए कूदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) अग्निकांड में अब तक का सबसे खौफनाक सच सामने आया है। 21 लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने होटल मालिकों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और एमसीडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 47 साल से इलाके में दुकान चला रहे चश्मदीद अनीस और 47 साल से वहां दुकान चला रहे नवीन सोनी ने बताया कि पांच मंजिला होटल में बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था और हादसे के वक्त उस गेट पर बाहर से ताला लगा था। अंदर लोग आग और धुएं में तड़प रहे थे जबकि जान बचाने के लिए कई लोग ऊपरी मंजिलों से कूदने के लिए मजबूर हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल मालिक लोकेश बजाज और उसके पार्टनर इलाके में बिना लाइसेंस के तीन-तीन अवैध होटल चला रहे हैं और यह सब एमसीडी और पुलिस की मिलीभगत के बिना असंभव है। इन लोगों का आरोप है कि दोनों विभाग इसलिए चुप थे कि उनके कुछ जिम्मेदारों को हर माह रिश्वत जाती थी।
विज्ञापन
2 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग, विलाप करते परिजन
- फोटो : पीटीआई
अब सवाल सिर्फ आग का नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का है जिसने कथित तौर पर रिश्वत के बदले लोगों की जान को दांव पर लगा दिया। दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट नाम के होटल में सुबह करीब 8:48 बजे लगी।
विज्ञापन
3 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग, खौफ में बच्ची
- फोटो : पीटीआई
ट्रांसफार्मर तक नहीं पहुंची आग, नहीं तो और बड़ी होती तबाही
मालवीय नगर के हौजरानी स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी भीषण आग एक बड़े विस्फोटक हादसे में भी बदल सकती थी। होटल के ठीक सामने स्थित पार्क में महज दो-तीन मीटर की दूरी पर बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो आसपास के मकानों और लोगों को भारी नुकसान हो सकता था।
4 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
होटल के पास रहने वाले मोहम्मद वसीम ने बताया कि आग ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। आसपास घनी आबादी है और कई मकानों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। गनीमत रही कि आग होटल परिसर और उसके आसपास तक ही सीमित रही।
विज्ञापन
5 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग संभवतः ग्राउंड फ्लोर स्थित रसोई से शुरू हुई और देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों और बेसमेंट तक फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होटल में प्रवेश और निकास का केवल एक रास्ता था, जिसकी चौड़ाई करीब साढ़े चार फुट थी। इससे लोगों के बाहर निकलने में भारी दिक्कत हुई।
विज्ञापन
6 of 7
दिल्ली के होटल में लगी आग, जान बचाने के लिए गुहार लगाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आग लगने के बाद दो-तीन कर्मचारी छत पर पहुंचे और वहां से पड़ोसी इमारत की छत पर कूदकर निकल गए। आरोप है कि इसके बाद छत का दरवाजा बंद कर दिया गया, जिससे कई लोग ऊपर पहुंचकर जान बचाने का अवसर नहीं पा सके।
दिल्ली के होटल में लगी आग,बचने के लिए जद्दोजहद करता फंसा शख्स
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि होटल मालिक लवकेश बजाज को सुबह 8:52 बजे आग लगने की सूचना दी गई थी। वह करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंचा और कुछ समय तक घटनास्थल के आसपास मौजूद रहा। हालांकि, जैसे-जैसे मृतकों की संख्या बढ़ने लगी और हादसे की गंभीरता सामने आई, वह वहां से चला गया।