परिवहन व्यवस्था की बात करें तो साल 2017 देश की राजधानी के लिए ठीक नहीं रहा। कमजोर परिवहन व्यवस्था के चलते सरकार हमेशा आलोचकों के निशाने पर रही। कई योजनाएं बनीं लेकिन परवान नहीं चढ़ पाईं। मगर अब नए साल में इसे लेकर कई उम्मीदें हैं। इन योजनाओं के सहारे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ सुरक्षित भी हो जाएगी। मेट्रो का नेटवर्क बढ़ेगा। 300 किलोमीटर का नेटवर्क पार कर विश्व के अग्रणी मेट्रो शहरों की कतार में शामिल हो जाएगा।
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- फोटो : लाल सिंह
1. 300 किलोमीटर पार कर जाएगा मेट्रो नेटवर्क
तय समय से एक साल से भी ज्यादा समय से देरी से चल रहे मेट्रो फेज तीन की दो पिंक और मजेंटा लाइन पूरी तरह से ऑपरेट होगी। 2018 में मेट्रो का नेटवर्क 300 किलोमीटर को पार कर जाएगा। यही नहीं मेट्रो की सबसे बड़ी 58 किलोमीटर की लाइन भी खुल जाएगी जिससे दिल्ली के कई हिस्से इस लाइन से जुड़ जाएंगे। दिल्ली के ज्यादातर विश्वविद्यालय मेट्रो नेटवर्क पर होंगे।
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DTC BUSES
2. सड़कों पर उतरेंगी 2000 नई बसें
दिल्ली की सड़कों पर बसों की कमी से कोई अंजान नहीं है। 2010 के बाद से दिल्ली में डीटीसी के बाड़े में नई बस नहीं आई है। 2018 में इसका इंतजार भी खत्म हो जाएगा। दिल्ली सरकार ने डीटीसी और क्लस्टर स्कीम में 1000 बस लाने की कवायद शुरू कर दी है। उम्मीद है की 2018 में नई बसें दौड़तीं नजर आएंगी।
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metro card
3. बस और मेट्रो के लिए एक कार्ड
करीब आठ साल से लंबित पड़े कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी एक ही कार्ड से मेट्रो और बस में किराया देने की सुविधा का इंतजार 2018 में खत्म होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल के शुरुआत में ही करीब 250 बसों के साथ इसे शुरू कर दिया जाएगा। करीब 17 लाख मेट्रो स्मार्ट कार्ड धारकों को इसका लाभ मिलेगा।
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4. सिटी टैक्सी स्कीम होगी लागू
ऐप बेस्ड सेवा देने वाली कंपनियों को रेग्युलेट करने के साथ अलग-अलग परमिट को मर्ज तक एक परमिट तैयार करने के लिए सिटी टैक्सी स्कीम 2018 में लागू होगी। सरकार ने इसे तैयार कर लिया है। जल्द ही एलजी के पास फाइल भेजी जाएगी। इससे सभी टैक्सी का जीपीएस लोकेशन सरकार के पास होगा। टैक्सी में सफर करना सुरक्षित हो जाएगा।
क्या दे गया साल 2017
. पुरानी दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जुड़ गया। मेट्रो ने हेरिटेज लाइन दिल्ली वालों को समर्पित किया जिससे चांदनी चौक, लाल किला, जामा मस्जिद जाना आसान हो गया। दिल्ली घूमने आने वालों के लिए सबसे ज्यादा फायदा हुआ।
. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की ऑनलाइन सुविधा शुरू हुई। अब कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। समय लेकर सिर्फ एक बार परिवहन विभाग के कार्यालय जाना पड़ता है।
. 10 हजार नए ऑटो परमिट का आवंटन हुआ।
. मेट्रो किराया बढ़ोतरी ने बढ़ाई मुश्किल। 2017 में मेट्रो का किराया दो बार बढ़ गया। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ा। नतीजा प्रतिदिन करीब 3 लाख लोगों ने इससे दूरी बना ली।