delhi tree
मसलन, एनजीटी के उस निर्देश को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसमें पेड़ काटने से पहले पौधे लगाने की बात कही गयी है। वहीं, दिल्ली सरकार ने इजाजत के दौरान जो जरूरी प्रावधान करने को कहा गया था, उसे भी लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट की इनवॉयरमेंटल क्लीयरेंस भी कानूनन नहीं ली गयी है।
इमरान हुसैन ने मंगलवार को दोनों मंत्रियों से जो दस्तावेज मुहैया कराने की गुजारिश की है, इसमें केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री से मिली एनवायरेंट क्लीनियरेंस समेत दूसरी मंजूरियां, पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, केंद्रीय भू-जल आयोग की रिपोर्ट समेत प्रोजेक्ट के समझौता ज्ञापन से जुड़े मसौदा हैं।
मंत्री ने लिखा है कि क्या प्रोजेक्ट सिर्फ सरकारी कर्मचारियों की आवासीय जरूरतें पूरा करेगा या इसमें कुछ व्यावसासयिक गतिविधि भी प्रस्तावित है।