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मुफ्त सफर की योजना ने तोड़ा दम, न रुकीं बसें, न दिखा रूट नंबर, भीड़ करती रही इंतजार

Thu, 31 Oct 2019 11:28 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-यात्री करते रहे बसों का इंतजार, भीड़ को देखकर नहीं रुकीं बसें
-बसों से हटा ली गईं नंबर स्क्रीन, यात्री रहे परेशान
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मुफ्त सफर योजना का दूसरे दिन ही निकला दम - फोटो : जी पाल
बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त सफर की शुरुआत महज कुछ घंटों बाद ही दम तोड़ती नजर आई। सरकार ने इस योजना की शुरुआत कर दी, लेकिन बस स्टॉप पर महिला यात्रियों की भारी भीड़ से बचने के लिए बसों के गंतव्य और नंबर को सामने की स्क्रीन से हटा दिया। आगे जानिए मुफ्त सफर योजना के दूसरे ही दिन कैसे इस महत्वकांक्षी योजना ने तोड़ा दम और यात्रियों के हाथ लगी निराशा और कैसी रही उनकी प्रतिक्रिया....
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बस का इंतजार करते यात्री - फोटो : जी पाल
दोपहर करीब 1:15 से 2:15 के बीच केंद्रीय टर्मिनल से नई दिल्ली और यमुना पार के लिए जाने वाली बसों का करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस वजह से स्कूल से छुट्टी होने के बाद छात्र-छात्राओं के घर पहुंचने में देरी हुई तो शिक्षकों के लिए भी मुफ्त सफर परेशानी का सबब बनता नजर आया। हालांकि, सीएम ने बसों में सफर कर इस पहल पर यात्रियों से खूब तारीफें बटोरी। 
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बसों ने रूट नंबर दिखाना किया बंद - फोटो : जी पाल
डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिला यात्रियों के लिए मुफ्त सफर की शुरुआत कर दी गई, लेकिन न तो माकूल संख्या में बसें मुहैया की गई हैं और न ही यात्रियों को पहले की तरह सुविधा। बुधवार को भी सड़कों पर चलने वाली बसों में दोपहर के वक्त काफी भीड़ रही। ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने जब केंद्रीय टर्मिनल से इन रूटों पर चलने वाली बसों से यात्रियों को मिल रही सुविधाओं की हकीकत जानने की कोशिश की तो स्टॉप पर बसों का इंतजार कर रहे यात्री ही नजर आए।

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बस पर चढ़ते यात्री - फोटो : जी पाल
एक घंटे तक बसों का इंतजार कर रही महिला यात्रियों ने इस सुविधा की शुरुआत पर नाराजगी जताई। छात्राएं इसलिए खुश थी कि उन्हें मुफ्त सफर का मौका मिल गया है, लेकिन एक घंटे तक इंतजार के कारण घरों तक पहुंचने में हुई देरी से बच्चियां भी परेशान दिखीं। 
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बस का इंतजार करते यात्री - फोटो : जी पाल
मुफ्त सफर पर उठाए सवाल 
50 मिनट से भी अधिक वक्त तक गुरुद्वारा बंगला साहिब और एनडीपीओ के स्टॉप पर बसों का इंतजार कर रही महिला यात्रियों ने मुफ्त सफर की सुविधा पर सवाल खड़े कर दिए। बस संख्या 740 का इंतजार कर रही रानी ने बताया कि 40 मिनट से अधिक वक्त से इंतजार कर रही हैं, लेकिन बसों के न रुकने की वजह से उन्हें घर पहुंचने में देरी हुई।
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बस का इंतजार करते छात्र - फोटो : जी पाल
लता ने बताया कि अगर मुफ्त सफर की शुरुआत के बाद बसों के आगे लिखे रूट नंबर ही न लिखे हो और बसें न रुके तो इस स्कीम का क्या फायदा। उन्होंने कहा कि 50 मिनट से अधिक इंतजार के बाद भी बसों के रुकने का इंतजार कर रही हैं। कुछ क्लस्टर बसें रुकीं भी तो वह दूसरे रूट की थीं। रूबी ने कहा कि मार्शल की सुविधा शुरू की गई है, यह महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।
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- फोटो : अमर उजाला
इतनी देर पहले नहीं करना पड़ा इंतजार 
छात्राओं ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से खर्च की बचत होगी, लेकिन इतनी देर तक कभी भी इंतजार नहीं करना पड़ा। पहले भी छात्र-छात्राओं की अधिक संख्या होने की वजह से विद्यार्थियों को परेशानियां होती थी, लेकिन बसें स्टॉप पर रुकती थीं। बसों में तैनात अधिकतर मार्शल पर अपनी सीट पर डटे रहे, जबकि भीड़ भरी कई बसों में खड़े यात्रियों को जगह देने की जहमत नहीं उठाई।
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- फोटो : जी पाल
पहले दिन फिर रात के वक्त नहीं मिली बस की सुविधा 
मंगलवार रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच तालकटोरा स्टेडियम के पास 20-25 यात्री धौला कुआं की तरफ जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। करीब 50 मिनट बाद 0740 नंबर की बस गुजरी भी, लेकिन जगह न होने की वजह से धीरे होने के बाद फिर रवाना हो गई। आखिरकार, कैब और ऑटो का सहारा लेना पड़ा। भाईदूज के मौके पर इस तरह की परेशानी का सामना कर रही महिलाओं ने कहा कि ऐसी योजना का उन्हें क्या फायदा, जब बसों की कमी है।
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