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दिल्ली अग्निकांड: छत के दरवाजे पर ताला, पिछला हिस्सा लोहे के मजबूत जाल से पैक; नौ लोगों के जिंदा जलने की कहानी

Mon, 04 May 2026 01:22 PM IST
Sharukh Khan सनी सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके रविवार तड़के एक भीषण आग ने चार मंजिला रिहायशी इमारत को चंद मिनटों में आग के गोले में तब्दील कर दिया। घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं व लपटों से घिर गई। 
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दिल्ली अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दिल्ली के विवेक विहार की जिस इमारत में आग लगी, उस इमारत के पिछले हिस्से को लोहे का जाल लगातार पूरी तरह पैक कर दिया गया था। ऐसे में जब आग लगी तो ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग अपने-अपने फ्लैट में फंस गए। दूसरी मंजिल पर आग लगते ही उसने सीढ़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग ऊपर की ओर बढ़ने लगी। ऐसे में बचने की संभावना यहां से भी खत्म हो गई।

घटना के समय अधिकांश लोग घरों में सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं व लपटों से घिर गई। बताया जा रहा है कि आग में फंसे लोग सीढ़ियों से इमारत की छत की ओर भागे, लेकिन जैसे ही छत पर बने दरवाजे तक पहुंचे तो वह लॉक मिला। 
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विवेक विहार में चार मंजिला इमारत में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
इससे लोग वहीं फंस गए और लपटों की चपेट में आ गए। तीन लोग सीढ़ियों के दरवाजे पर मृत मिले। इमारत में रहने वाले मनोज जैन ने बताया कि इस पूरी इमारत में 400-400 गज के फ्लैट में सामने की ओर पुनीत जैन, राजकुमार अरोड़ा, मनोज जैन और डॉ. सुधीर मित्तल के चार परिवार रहते हैं।

 
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आग में मारे गए लोगों की डेड बॉडी जीटीबी अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
वहीं, जहां लोग हताहत हुए वहां पीछे की ओर कमल कुमार गोयल, लखमी चंद जैन, अरविंद जैन और नितिन जैन के परिवार रहते थे। इमारत के सामने की ओर मौजूद लोगों की सामान्य बालकनी बनी हुई है। पीछे की ओर बने फ्लैटों की बालकनी पिछली ओर मौजूद सर्विस रोड पर खुलती है। 

 

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इमारत के पीछे की तरफ लोहे का जाल लगा है। - फोटो : जी पॉल
सुरक्षा के मद्देनजर पीछे के सभी चारों फ्लैट मालिकों ने मिलकर लोहे का मजबूत और भारी भरकम जाल बनाकर उसे पूरी तरह पैक किया हुआ है। इसे बंदरों से भी सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया है।
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विवेक विहार में चार मंजिला इमारत में लगी आग के बाद अंदर का दृश्य - फोटो : अमर उजाला
इमारत में आग लगी तो पहली मंजिल के आगे और पीछे वाले फ्लैट के लोग तुरंत सुरक्षित निकल गए जबकि दूसरी मंजिल के बाद ज्यादातर लोग वहीं पर फंस गए। सामने की ओर मौजूद लोगों को दमकल कर्मियों ने निकाल लिया जबकि पीछे मौजूद लोगों की जान चली गई।
 
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विलाप करते हुए दिल्ली अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल लॉकिंग, लोहे की ग्रिल और एक ही सीढ़ी बनी घातक
पूरी इमारत में सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम, इमारत के पिछले हिस्से में लगी लोहे की ग्रिल और एक ही सीढ़ी का होना घातक साबित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने बताया, आग के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने से सेंट्रल लॉक वाले दरवाजे खोलना मुश्किल हो गया, जबकि लिफ्ट अनुपयोगी हो गई। पीछे मोटे लोहे की ग्रिल और बंद बालकनी ने निकासी व बचाव प्रक्रिया को और भी जटिल बना दिया।
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दिल्ली के विवेक विहार में लगी चार मंजिला इमारत में लगी आग - फोटो : जी पॉल
दमकलकर्मी ने बताया, इमारत में प्रवेश व निकास के लिए एक ही सीढ़ी थी। पीछे का गेट ग्रिल से ढका हुआ था, जिसे औजारों से काटना पड़ा। 15 लोगों को बचाने के लिए हमारी टीम ने अलग दिशाओं से सीढ़ियां लगाईं और घुमावदार सीढ़ी वाहन का इस्तेमाल किया। 

 

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दिल्ली के विवेक विहार में लगी चार मंजिला इमारत में लगी आग - फोटो : जी पॉल
बिजली कटने से जाम हुए सेंट्रल लॉक
छत पर जाने के लिए दरवाजे पर सुरक्षादृष्टि से सेंट्रल लॉक लगाए गए थे। हादसे के वक्त बिजली कटने से यह लॉक जाम हो गए। इससे लोग छत की ओर नहीं भाग पाए।

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इसी इमारत में एसी फटने से लगी थी आग - फोटो : पीटीआई
दिल्ली में एसी फटने से लगी आग, नौ की मौत
राष्ट्रीय राजधानी के बेहद पॉश विवेक विहार इलाके में चार मंजिला इमारत में भीषण आग से नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें पांच लोग एक ही परिवार के थे। आग का कारण एसी में विस्फोट को बताया जा रहा है। यह दर्दनाक हादसा रविवार तड़के 3:48 बजे हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमों और दमकल की 14 गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

 

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इसी इमारत में एसी फटने से लगी थी आग - फोटो : पीटीआई
बचावकर्मियों ने 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि छह लोग झुलस गए, जिनमें एक की हालत नाजुक है। दो बेटियों ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। मृतकों में चार महिलाएं और डेढ़ साल का एक मासूम भी है। 
 

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दिल्ली अग्निकांड में मारे गए लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाते हुए - फोटो : पीटीआई
आग के मामलों में जहरीला धुआं बनता है मौत की वजह
आग के मामलों में स्मोक इनहेलेशन इंजरी से मौत होती है। विवेक विहार स्थित बहुमंजिला इमारत में भीषण आग से जान गंवाने वालों की मौत फेफड़ों में ऑक्सीजन क्षमता की कमी के कारण हो सकती है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में ज्यादातर मौत की वजह कार्बन मोनोऑक्साइड होती है।

 

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विलाप करते हुए दिल्ली अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन - फोटो : पीटीआई
सांस लेने के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में अंदर जाने पर खून जहरीला हो जाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने लगती है और तुरंत मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में जान बचाने के लिए तुरंत ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत होती है। चर्चित उपहार अग्निकांड में लोगों की मौत स्मोक इनहेलेशन इंजरी से हुई थी। फेफड़ों में ऑक्सीजन क्षमता के कम होने पर व्यक्ति अचेत स्थिति में पहुंच जाता है। 
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विलाप करते हुए दिल्ली अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन - फोटो : पीटीआई
व्यक्ति खुद के बचाव के लिए कुछ नहीं कर पाता है और आग की चपेट में आने से उसकी जान चली जाती है। डॉक्टर ने बताया कि आग के मामले में शरीर के अंग भी जल जाते है। इस कारण भी मौत होती है। आग और धुएं के कारण सांस की नली को नुकसान पहुंचता है। नली सिकुड़ और उसमें सूजन पैदा होती है। जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत पैदा होने लगती है।
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