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Delhi Fire: विकराल आग, मदद की गुहार और गूंजती चीखों के बीच इंसानियत ढाल बनकर हुई खड़ी; बिना वर्दी वाले हीरो

Sat, 06 Jun 2026 03:10 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के मलवीय नगर के हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में आग भड़की तो आसपास अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे। ऐसे में होटल के पास रजाई-गद्दों की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन फरिश्ता बनकर सामने आए। 
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर में तीन जून की सुबह जब आग ने होटल को अपनी चपेट में लिया तो कुछ ही मिनटों में चारों ओर धुआं था। आग की लपटें थीं, चीखें थीं। लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे। 

इस अफरातफरी के बीच कुछ लोग ऐसे भी थे, जो खतरे से दूर नहीं भागे। वे मदद के लिए दौड़े। किसी ने अपनी जान की परवाह नहीं की। किसी ने यह नहीं सोचा कि अगला पल उसका आखिरी भी हो सकता है। उनके सामने सिर्फ एक मकसद था-जितनी हो सके, उतनी जिंदगियां बचाई जाएं।

दिल्ली पुलिस के 10 जवानों और हौजरानी गांव के स्थानीय लोगों ने मिलकर कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। किसी ने धुएं से भरे होटल में घुसकर लोगों को निकाला। किसी ने नीचे गद्दे बिछाए। किसी ने घायलों को उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इनकी बहादुरी ने साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में इंसानियत सबसे बड़ी ताकत होती है। 
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
ये हैं वो 10 फरिश्ते
मालवीय नगर थाने में तैनात हवलदार करतार (32), हवलदार देशराज (38), हवलदार राजवीर (34), हवलदार दिनेश यादव (35), सिपाही रामपाल (30), नेब सराय थाने में तैनात सिपाही संदीप (30), हवलदार हरज्ञान (40), हवलदार प्रेमचंद (40), हवलदार जितेंद्र (40) और सिपाही रवि रंजन (26) ने राहत और बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाई।
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : पीटीआई
बिना वर्दी वाले हीरो...रियाजुद्दीन के गद्दों ने बचाई 20 लोगों की जान
मालवीय नगर के हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में आग भड़की तो आसपास अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे। ऐसे में होटल के पास रजाई-गद्दों की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन फरिश्ता बनकर सामने आए। 

 

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दिल्ली के होटल में लगी आग, जान बचाने के लिए गुहार लगाते लोग - फोटो : अमर उजाला
रियाजुद्दीन बताते हैं, “मैंने देखा कि चौथी मंजिल पर फंसी एक महिला नीचे कूदने की तैयारी कर रही है। हालात बेहद गंभीर थे। मैंने बिना देर किए अपनी दुकान से गद्दे और रजाइयां निकालकर इमारत के नीचे बिछाने शुरू कर दिए। इस काम में मेरे बेटे ने भी पूरा साथ दिया। 

 
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दिल्ली के होटल में लगी आग, जान बचाने के लिए कूदते लोग - फोटो : अमर उजाला
लोगों की जान बचाने की कोशिश में उसे चोटें भी आईं। रियाजुद्दीन के अनुसार, कुछ ही देर में सड़क पर गद्दों और रजाइयों की एक परत बिछा दी गई, जिससे ऊपर फंसे लोगों को कूदने का साहस मिला।
 
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
आठ लोगों ने सीधे गद्दों पर लगाई छलांग
उन्होंने बताया कि करीब आठ लोगों ने सीधे गद्दों पर छलांग लगाई, जिससे वे गंभीर चोटों से बच गए। कई अन्य लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने और घटनास्थल से बाहर निकालने में भी उन्होंने मदद की। मृतकों के शवों को ढकने के लिए चादरें भी उनकी दुकान से ही उपलब्ध कराई गईं।
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दिल्ली के होटल में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
पैसा तो फिर कमाया जा सकता है...जान की कीमत नहीं लगाई जा सकती
रियाजुद्दीन ने कहा िक यदि नीचे गद्दे और रजाइयां नहीं होतीं तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। यही सोचकर उन्होंने नुकसान की परवाह किए बिना दुकान का सामान जान बचाने में लगा दिया। 
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