छानबीन में पुलिस को पता चला है कि गरिमा ने रात करीब आठ बजे बुआ के लड़के शिवेंद्र पांडेय को कॉल किया था, लेकिन वह फोन नहीं उठा पाया। इसके बाद गरिमा ने बंगलूरू में रहने वाले सगे भाई ज्योर्तिमय मिश्रा से बातचीत की। गरिमा ने उन्हें बताया कि कोचिंग की छुट्टी होने के कारण वह रात 10 बजे की बस पकड़कर गोरखपुर निकलने वाली है। उधर, शिवेंद्र ने रात 8.30 बजे गरिमा को कॉल किया तो उसका फोन नहीं उठा। परिजन लगातार 11 बजे तक उसके मोबाइल पर कॉल करते रहे, लेकिन उससे किसी की बात नहीं हो सकी। देर रात को शिवेंद्र जब उसके फ्लैट पर पहुंचा तो उसकी हत्या का पता चला।