पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन के छह दिनों बाद गुटबाजी छोड़ कार्यकारी अध्यक्ष एक्टिव मोड में आ गए है। तीन में दो कार्यकारी अध्यक्षों ने आपसी बैठक कर शीला दीक्षित के संकल्प को पूरा करने का निर्णय लिया है। कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ व देवेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने का संकल्प शीला दीक्षित ने लिया था। कांग्रेस पार्टी उनके संकल्प को पूरा करेगी। हालांकि इस बैठक में तीसरे कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन
2 of 5
हारुन यूसुफ व देवेंद्र यादव
- फोटो : अमर उजाला
राजीव भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके संकल्प को पूरा करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद दोनों कार्यकारी अध्यक्षों ने सभी जिला अध्यक्षों व सभी छह प्रवक्ताओं को शुक्रवार को विस्तृत चर्चा के लिए बुलाया है। इसके साथ ही भाजपा और आम आदमी पार्टी पर दिल्ली के लोगों को गुमराह करने का आरोप मढ़ा।
विज्ञापन
3 of 5
कहा कि अगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखी अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण करने का दावा करके गुमराह किया जा रहा है। केजरीवाल सरकार व भाजपा अनाधिकृत कॉलोनियों के लोगों को कालोनियों के पास करने के मामले में गुमराह कर रहे है, ताकि विधानसभा चुनाव के वक्त इसका मुद्दा बनाकर फायदा उठाया जा सके। दोनों नेताओं ने कहा कि यह कांग्रेस की ही सरकार थी जब 1977 व 2012 में दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों को पास किया गया था।
4 of 5
उन्होंने कहा कि 2012 में शीला दीक्षित की सरकार ने 917 कालोनियों को पास किया था, लेकिन दिल्ली की भाजपा शासित एमसीडी ने ले आउट प्लान नहीं बनाया जिससे वाउंड्री व नक्शे बनाए जा सकें लेकिन एमसीडी में 12 सालों से राज करने वाली भाजपा शासित नगर निगम ले आउट प्लान बनाने मे पूरी तरह नाकाम रही। जिसकी वजह से अनाधिकृत कॉलोनियों को जो फायदा होना था वह नही हो पाया।
प्रदेश कांग्रेस शीला दीक्षित के सपने को साकार करेगी। अंतरराष्ट्रीय शहर बनाने के लिए उनके शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता अनाधिकृत कालोनियों के नियमितीकरण और दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, स्वच्छता का पोल खोलेंगे।