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Delhi Coaching Centre News: इस वजह से भरा था बेसमेंट में पानी... कोचिंग सेंटर हादसे का एक नया वीडियो सामने आया

Mon, 29 Jul 2024 01:12 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Delhi Coaching Centre Flooded - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के राजेंद्र नगर के स्टडी सेंटर में हुए हादसे का रविवार को एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। सड़क पर चार फुट से ज्यादा पानी भरा हुआ दिख रहा है। कुछ ठेले वाले और बाइक वाले वहां से निकल रहे हैं। इस बीच हरे रंग की एक बड़ी एसयूवी गाड़ी तेजी से वहां से गुजरती है। इसकी वजह से पानी की लहर उठती है और स्टडी सेंटर का गेट गिर जाता है।
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Delhi Coaching Centre - फोटो : वीडियो ग्रैब
गेट के गिरते ही सड़क पर मौजूद पानी किसी बांध के टूटने की तरह अंदर जाता हुआ दिख रहा है। पूरे घटनाक्रम का स्टडी सेंटर के ठीक सामने एक दूसरे कोचिंग सेंटर से दूसरे छात्रों ने वीडियो बनाया है। इसमें पानी अंदर जाने पर कुछ लोग अंदर की ओर जाते हुए दिख रहे हैं। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि अंदर बेसमेंट में मौजूद छात्रों को बचने का मौका नहीं मिला।

 
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Delhi Coaching Centre - फोटो : वीडियो ग्रैब
बचाव कार्य के दौरान मौके पर मौजूद रहे दमकल विभाग के एडीओ मनीष ने बताया कि मेन रोड पर ज्यादातर कोचिंग सेंटर के मेन डोर को स्लाइडिंग का बनाया गया है। सड़क पर जब भी पानी भरता है तो इन दरवाजों से से पानी रुक जाता है। ज्यादातर कोचिंग सेंटर सड़क से महज एक या डेढ़ फीट के ऊंचाई पर ही मौजूद हैं।
 

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Delhi Coaching Centre - फोटो : वीडियो ग्रैब
ऐसे में जब वह एसयूवी गाड़ी गुजरी को स्लाइडिंग डोर पानी की लहर को बर्दाश्त नहीं कर सकता है गिर गया। इसके बाद राव आईएएस स्टडी सेंटर में पानी भर गया और छात्र वहां फंस गए। इस हादसे में दो छात्राओं समेत तीन की मौत हो गई। अब स्टडी सेंटर में पानी भरने की असली वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

 
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Delhi Coaching Centre - फोटो : वीडियो ग्रैब
मेन गेट टूटते ही तेजी से बेसमेंट में घुसा पानी
दमकल विभाग के डिविजनल ऑफिसर मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि मेन गेट टूटते ही पानी तेजी से बेसमेंट में घुसा। इसके बाद छात्र पैनिक हो गए और पानी में करंट के डर से टेबल पर चढ़ गए। इस दौरान बहुत तेजी से बेसमेंट में पानी भरने लगा। अंधेरा होने पर छात्र अंदर ही भटक गए। 
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Delhi Coaching Centre - फोटो : वीडियो ग्रैब
बेसमेंट में लाइब्रेरी के अलग-अलग केबिन बने थे। वहां पानी में फर्नीचर भी तैरने लगा था। ऐसे में छात्र अंधेरा और रास्ता न होने के कारण वहीं फंस गए। मनोज कुमार ने बताया कि हादसे में करीब 14 छात्रों को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मामूली चोटें लगीं। उनको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। लगभग रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
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आरएएफ की हुई तैनाती - फोटो : पीटीआई
दमकल कर्मियों ने शुरुआत में दोनों छात्राओं का शव निकाला। इसके बाद करीब एक बजे जेएनयू के छात्र नेविन का शव पानी से बाहर निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक पांच मिनट के भीतर ही करीब 10-11 फीट गहरे बेसमेंट में पूरी तरह पानी भर चुका था। पानी गंदा और काला था, ऐसे में उसमें गोता लगाने में भी दिक्कत हो रही थी।

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Delhi Coaching Centre Flood - फोटो : अमर उजाला
डूबने से हुई छात्रों की मौत विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार
राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की मौत डूबने से हुई है। रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के शवगृह में दो छात्रों का पोस्टमार्टम हुआ। जबकि एक छात्र के परिजन न होने के कारण पोस्टमार्टम सोमवार को हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती रिपोर्ट में दोनों छात्रों की मौत डूबने से बताई जा रही है।

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Delhi Coaching Centre Flood - फोटो : अमर उजाला
ऐसा कहा जा रहा है कि बारिश का गंदा पानी उनके शरीर में भर गया था। हालांकि मूल कारण का जानने के लिए अभी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। सूत्रों का कहना है कि रविवार को श्रेया और तान्या का पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं सोमवार सुबह को नेविन का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया। 

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Delhi Coaching Centre Flood - फोटो : अमर उजाला
स्टडी सेंटर की फायर एनओसी रद्द
दिल्ली फायर सर्विस ने राव आईएएस की फायर एनओसी को रद्द कर दिया है। दरअसल स्टडी सेंटर के बेसमेंट को स्टोर के लिए इस्तेमाल करना था, लेकिन स्टडी सेंटर के मालिक व संयोजक ने इसमें लाइब्रेरी के अलावा एक छोटा सा क्लास रूम भी बनाया हुआ था। दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि उनकी ओर से इमारत की छानबीन के बाद फायर एनओसी दी गई थी। लेकिन स्टडी सेंटर के मालिक ने एनओसी नियमों का उल्लंघन करते हुए बेसमेंट में लाइब्रेरी बना दी और हादसा हुआ। हादसे के बाद फायर एनओसी को वापस लेकर कानूनी कार्रवाई के लिए लिख दिया है।

 

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श्रेया यादव का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
हादसा नहीं, ये हत्या है, छीन ली मेरी भतीजी श्रेया की जिंदगी : धर्मेंद्र
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के शवगृह के बाहर बदहवास हालत में बैठे धर्मेंद्र यादव अपनी भतीजी श्रेया की मौत पर रोषपूर्ण लहजे में बोले, सोचा नहीं था कि ऐसा दिन भी आएगा। यह महज हादसा, नहीं बल्कि हत्या है। श्रेया आईएएस बनने का सपने को पूरा करने के लिए दिल्ली आई थी, लेकिन कोचिंग सेंटर की लापरवाही ने उसकी जिंदगी ही छीन ली। गाजियाबाद में रहने वाले धर्मेंद्र बताते हैं कि श्रेया उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के हासिमपुर बरसावा गांव की रहने वाली है। दो भाइयों में अकेली बहन श्रेया पढ़ने में तेज थी। सुल्तानपुर से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद इसी साल मई में आईएएस की तैयारी करने के लिए वह दिल्ली आई थीं। राव आईएएस में एडमिशन लेने के बाद वह शादीपुर स्थित पीजी में रह रही थी। माता-पिता गांव में ही रहते हैं। बड़ा भाई जर्नलिज्म की पढ़ाई कर रहा है और छोटा भाई आठवीं कक्षा में है। उससे पूरे परिवार को बड़ी उम्मीद थी। श्रेया और तान्या की पक्की दोस्ती थी। घटना के दिन भी वह तान्या के साथ पढ़ाई करने के लिए गई थी।

 

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नेविन का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुस्तकालय संदर्भ सेवाएं विषय का अध्ययन करने आया था नेविन
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे नेविन पुस्तकालय संदर्भ सेवाएं विषय से संबंधित किताब का अध्ययन करने के लिए शनिवार को राव आईएएस गए थे। पता नहीं था उसके साथ यह हादसा हो जाएगा। यह कहना है भारतीय प्राच्य विरासत संस्थान के अधिकारी बीजू का। आरएमएल के शवगृह पहुंचे बीजू बताते हैं कि नेविन डाल्विन केरल के एर्नाकुलम जिले का रहने वाला है। साल 2017 में केरल से एमए करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली आ गया। वह जेएनयू के कला और सौंदर्यशास्त्र स्कूल से पीएचडी कर रहा था। वह मुनिरका में रहता था। उसके पिता केरल में सेवानिवृत डीएसपी हैं, जबकि मां एक यूनिवर्सिटी में संस्कृत की प्रोफेसर थी। नेविन की एक बहन हैं। सुबह के समय वह चर्च में मॉर्निंग प्रेयर में शामिल होने गए थे। उस समय उन्हें हादसे की जानकारी मिली। उसके मामा दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। नेविन का परिवार मूल रूप से त्रिवेंद्रम के रहने वाला है।
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तान्या का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सिस्टम का शिकार हुई है तान्या : प्रतीक
सिस्टम को सुधारने का सपना लेकर दिल्ली आई तान्या सिस्टम की लापरवाही का शिकार हो गई। दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी तान्या सोनी पढ़ने में तेज थी। यही सोचकर पिता विजय कुमार ने तेलंगाना के सिकंदराबाद से आईएएस की तैयारी करने के लिए दिल्ली भेजा था। तान्या सोनी मूलरूप से बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली है। पिता विजय कुमार तेलंगाना स्थित एक माइनिंग कंपनी में सीनियर अधिकारी हैं। ऐसे में पूरा परिवार तेलंगाना में ही रहता है। स्नातक करने के बाद तान्या ने आईएएस की इच्छा जाहिर की थी। आरएमएल के शवगृह पहुंचे तान्या के भाई प्रतीक बताते हैं कि साल वह आईएएस बनकर इस सिस्टम को सुधारना चाहती थी। तान्या अपने घर से सबसे बड़ी बेटी और सबकी लाड़ली थी। उसने 2020-2021 में डीयू के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से स्नातक किया था। वह दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में रहती थी। डेढ़ महीने पहले की उसने राव आईएएस स्टडी सेंटर को ज्वाइन किया था।
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