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Delhi Blast: सफेद पन्नों पर खूनी स्याही, दो साल तैयारी... 2001 में दिल्ली दहला चुके 'गुरु' से मुसैब का कनेक्शन

Fri, 14 Nov 2025 02:05 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली विस्फोट 10 नवंबर को हुआ। मुसैब और उमर की डायरियों में मौजूद कूट संदेश बताते हैं कि वे 8 से 12 नवंबर के बीच किसी बड़े हमले की योजना थी। एक जांचकर्ता ने कहा, बैटरी उपलब्ध कराने वाले, वाहनों की व्यवस्था करने में मदद करने वाले, किराए के आवास की व्यवस्था करने वाले और विश्वविद्यालय के कर्मचारी, सभी जांच के दायरे में हैं।
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डॉ. मुजम्मिल की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली बम ब्लास्ट और फरीदाबाद में सक्रिय जैश के आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच में अल-फलाह विवि के दो डॉक्टरों उमर नबी और मुजम्मिल गनेई उर्फ मुसैब के आवासों से तलाशी में नोटबुक और डायरियां बरासद हुई हैं। इनमें अगले दो साल तक देश में दहशत फैलाने की साजिश थी और कई हमलों को अंजाम देने का मास्टर प्लान था। जांच में पता चला है कि मुजम्मिल ने पहले भी सोशल मीडिया पर अफजल गुरु के समर्थन में पोस्ट किया था। बता दें कि अफजल गुरु को 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकवादी हमले के मामले में मृत्युदंड की सजा मिली थी। इसे 2013 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। 
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दिल्ली बम धमाका - फोटो : अमर उजाला
8 से 12 के बीच थी बड़े हमले की योजना
दिल्ली विस्फोट 10 नवंबर को हुआ। डायरियों में मौजूद कूट संदेश बताते हैं कि वे 8 से 12 नवंबर के बीच किसी बड़े हमले की योजना थी। एक जांचकर्ता ने कहा, बैटरी उपलब्ध कराने वाले, वाहनों की व्यवस्था करने में मदद करने वाले, किराए के आवास की व्यवस्था करने वाले और विश्वविद्यालय के कर्मचारी, सभी जांच के दायरे में हैं।
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दिल्ली बम धमाका - फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद उमर कभी वापस नहीं लौटा
30 अक्तूबर को मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद, उमर उसी दिन विश्वविद्यालय से चला गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। जांचकर्ता ने कहा, हमें अभी यह पता लगाना है कि इन 10 दिनों में वह कहां रहा?

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दिल्ली बम धमाका - फोटो : पीटीआई
16 घंटे तक भागने के बाद किया धमाका 
16 घंटे तक पुलिस से भागते रहने के बाद उमर ने लाल किले के पास आई20 कार में आईईडी धमाका किया। बाद में फरीदाबाद से इकोस्पोर्ट बरामद हुई।
 
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दिल्ली बम धमाका - फोटो : पीटीआई
नूंह, गुरुग्राम में खरीदे विस्फोटक 
सफेदपोश आतंकियों ने हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम से आईईडी और गोला-बारूद के लिए कच्चे माल की खरीदारी की। वहीं आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अयोध्या में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की धमकियां देता रहा है।
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दिल्ली बम धमाका - फोटो : पीटीआई

पाकिस्तानी सेना से जुड़े हो सकते हैं डॉ. शाहीन के तार
सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात की सदस्य होने का आरोप है। डॉ. शाहीन के लिंक्डइन प्रोफाइल की पड़ताल करने पर उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पुष्टि होती है।

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दिल्ली बम धमाका - फोटो : पीटीआई

लिंक्डइन पर संकेत मिलते हैं कि शाहीन पाकिस्तानी सेना के संपर्क में रही हो सकती है। पाकिस्तानी सेना की ओर से संचालित मेडिकल कॉलेज में कार्यरत अधिकारी परवेज उल हसन ने लिंक्डइन पर डॉक्टर शाहीन को एंडोर्स किया हुआ है।

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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
लिंक्डइन पर एंडोर्स करने का अर्थ किसी व्यक्ति के कौशल की व्यावसायिक जगत में पुष्टि करना होता है। डॉ. शाहीन को एंडोर्स करने वाला परवेज फिलहाल बहावलपुर के सीएमएच इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कार्यरत है। परवेज के प्रोफाइल की पड़ताल से पता चलता है कि पहले वह पेशावर में पाकिस्तानी वायुसेना की मेडिकल शाखा में निदेशक भी रह चुका है।

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Delhi Blast - फोटो : अमर उजाला
साथ ही, रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के कैंटीन स्टोर्स विभाग (सीएसडी) में मानव संसाधन विभाग के निदेशक भी रहा है। इसके अलावा परवेज रहीमयार खान और गुजरांवाला छावनियों में बतौर कमांडिंग ऑफिसर और डिप्टी कमांडेंट भी काम कर चुका है।
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दिल्ली बम धमाका - फोटो : अमर उजाला
शाहीन का पाकिस्तानी कनेक्शन
परवेज उल हसन के मौजूदा कार्यस्थल सीआईएमएस कॉलेज, बहावलपुर की वेबसाइट पर लिखा है कि यह संस्थान पाकिस्तानी सेना के विश्वसनीय संरक्षण में संचालित मेडिकल कॉलेज है। इस कॉलेज का उद्घाटन मार्च 2017 में पाकिस्तानी सेना के तत्कालीन प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने किया था। हालांकि लिंक्डइन पर एंडोर्समेंट शाहीन के पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान से संपर्कों का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जा सकता, लेकिन यह शक जरूर जाहिर करता है।

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