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दो भाइयों की मौत मामले में रिश्तेदारों का चौंकाने वाला खुलासा, दिवाली पर भी चली थी गोली, लेकिन...

Tue, 17 Mar 2020 09:39 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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delhi murders - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी-दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रविवार देर रात प्रॉपर्टी विवाद में दो सगे भाइयों में खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान गोली लगने से राहुल नागर (35) और तनुज नागर (26) की मौत हो गई। राहुल और तनुज नागर के बीच रविवार को हुआ झगड़ा कोई पहला नहीं था। इससे पूर्व दिवाली पर भी दोनों भाइयों में झगड़ा हुआ था और तनुज ने गोली चला दी थी। मामला थाने भी पहुंचा, लेकिन पिता नंदराम ने दोनों के बीच किसी तरह फैसला करा दिया था। एक रिश्तेदार ने दावा किया कि दोनों भाइयों के बीच बनती नहीं थी। दरअसल बड़ा होने के नाते राहुल दोस्तों के सामने कभी तनुज से चाय-पानी मंगा लिया करते थे। 
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दीपावली का सीसीटीवी फुटेज - फोटो : अमर उजाला
यह बात तनुज को पसंद नहीं थी। बड़े होने पर बात इतनी बढ़ी कि तनुज राहुल के खून के प्यासे बन गए। परिवार के एक करीबी रिश्तेदार ने बताया कि कई दशक पूर्व नंदराम दिल्ली में नौकरी के लिए आए थे। उन्होंने यहां कई मकान खरीद लिए। उनका मोटा किराया आता है। नंदराम के दोनों बड़े बेटे राहुल व मोहित उर्फ मोंटी कोर्ट में नौकरी करते थे, जबकि तनुज कुछ नहीं करते थे। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शादी के कुछ साल बाद राहुल पिता को मिले सरकारी फ्लैट में रहने लगा था। वो परिवार से मिलने घर आता, लेकिन तनुज को यह बात पसंद नहीं थी। 
कुछ माह पूर्व जब राहुल ने फ्लैट खाली कर अपने घर आकर रहना शुरू किया तो तनुज को अच्छा नहीं लगा। हालांकि कुछ रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने दावा किया कि दोनों एक-साथ बैठकर अक्सर खाते-पीते थे, लेकिन उनमें बनती नहीं थी।

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delhi murders - फोटो : अमर उजाला
बेटों के बीच तनातनी देख पिता ने कई बार तनुज से कहा था कि उन्हें जो भी मकान पसंद हो, ले सकते हैं। इसके बाद भी तनुज नहीं सुन रहे थे। सोमवार को रोते हुए पिता नंदराम बस यही कहे जा रहे थे कि एक-दूसरे को मारने की क्या जरूरत थी। जो चाहिए था, वह ले लेते। एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि राहुल की शादी करीब 14-15 साल पहले हुई थी। शादी के करीब 12-13 साल बाद भगवान ने उसे संतान सुख दिया। उनके यहां दो साल का बेटा है। पति की मौत से राहुल की पत्नी लक्ष्मी का रोते-रोते बुरा हाल है। वह रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही थीं।
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delhi murders - फोटो : अमर उजाला
आधी रात को फायरिंग से अफरा-तफरी
रात करीब 12:07 बजे पॉश इलाके में अचानक गोलियों की आवाजें आने लगीं तो इलाके लोगों में अफरा-तफरी मच गई। माजरा जानने के लिए लोग घर से बाहर की ओर भागे। लोगों ने देखा कि सड़क पर खून से लथपथ राहुल पड़ा था। उसके पास ही एक पिस्टल पड़ी थी। राहुल से चंद कदम की दूरी पर तनुज भी पड़ा हुआ तड़प रहा था। शोर-शराबे के बीच पड़ोसियों ने दोनों भाइयों के परिजनों को खबर दी। इस बीच, कुछ पड़ोसियों ने अपनी गाड़ी निकाली। पहले कुछ लोग तनुज को कार में डालकर बाड़ा हिंदूराव अस्पताल ले गए। 
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मौके पर जमा लोग - फोटो : अमर उजाला
इस बीच, राहुल की पत्नी लक्ष्मी पहुंच गईं। वो लगभग बेजान हो चुके राहुल को अस्पताल लेकर चलने की जिद करने लगी। लोगों ने राहुल को भी दूसरी कार में डाला और घर से चंद कदम की दूरी पर सेंट स्टीफंस अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गली में रहने वाली डीटीसी बस की मार्शल राखी ने बताया कि दोनों की मौत से पूरा मोहल्ला दहशत में है। वहीं नवेद खान ने बताया कि रविवार को गली में एक शादी थी। ज्यादातर लोग शादी में शामिल होने गए थे। देर रात घर पहुंचने पर यह हत्याकांड हो गया। पूरी रात गली में कोई भी नहीं सोया।
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मौके पर जमा लोग - फोटो : अमर उजाला
समय पर इलाज न मिलने का आरोप
राहुल और तनुज के बीच खूनी संघर्ष के बाद राहुल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तनुज के सीने में दायीं ओर गोली लगी थी। इससे वह गिर गया था। लोग उसे उठाकर बाड़ा हिंदूराव अस्पताल ले गए। पड़ोसी पवन ने कहा कि बाड़ा हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बिना देखे ही एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया। पवन का कहना था कि तब तक तनुज में जान थी। समय पर इलाज मिलता तो शायद उनकी जान बच सकती थी, लेकिन डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए एलएनजेपी रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय तनुज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं।
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