अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
दिलचस्प यह कि अकेले नई दिल्ली विधान सभा सीट पर अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या करीब 19 फीसदी है। वहीं, दिल्ली की 12 सीटों पर अनुसूचित जाति के मतदाताओं का बोलबाला है। यह सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। आम आदमी पार्टी से पहले आरक्षित सीटों अमूमन कांग्रेस के पास रही हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में 67 सीटें जीतने वाली आप ने सभी आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिया था। अब आप की कोशिश अपने प्रदर्शन को दोहराने की है।
लिहाजा केजरीवाल ने 2013 व 2015 के विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी वाल्मीकि मंदिर से मिशन दिल्ली की शुरुआत की। पिछले दो विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने वाल्मीकि मंदिर से अपना मिशन शुरू किया था। वहीं, लोकसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस व आप के उम्मीदवार भी मंदिर पहुंचे थे। निगम चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था।