anissia batra
- फोटो : फेसबुक प्रोफाइल से
उसका आरोप है कि घटना वाले दिन एफएसएल की टीम को नहीं बुलाया गया। वहीं, मयंक के फ्लैट को भी सील नहीं किया गया। ऐसे में मयंक को वहां से सबूत नष्ट करने का भरपूर समय मिला। अनीसिया के सोशल साइट से अकाउंट डिलीट कर दिए गए। वहीं, उसके मोबाइल से भी छेड़छाड़ की गई है। करण का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर केस हल्का करने के लिए मौका दिया है। वहीं मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोप सही नहीं है। पहले दिन क्राइम टीम ने जरूरी सबूत उठा लिये थे। इसलिए फ्लैट को सील नहीं किया गया।