दारोगा अख्तर खान के पिता ने आरोप लगाया कि उनका बेटा साजिश का शिकार हुआ है। जब कोतवाल, दारोगा समेत 12 पुलिसवाले मौके पर थे तो अख्तर को छोड़ कर भाग क्यों गए।
गोली लगने के बाद भी समय रहते उनके बेटे को अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया। इस पूरी घटना में दादरी पुलिस टीम पूरी तरह दोषी है। सभी दोषी पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सीबीआई जांच होनी चाहिए।
अख्तर खान पुत्र बाबू मूल रूप से फिरदौस कॉलोनी, पुरानी चुंगी अलीगढ़ के रहने वाले थे। मुठभेड़ में अख्तर के शहीद होने की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिजन दादरी पहुंचे।
उनके पिता, बहन और भाई का रो-रो कर बुरा हाल था। अख्तर की बहन सादा ने कहा कि उसके भाई को पुलिस वालों ने ही साजिश कर मरवा दिया है। कोट पुलिस चौकी पर तैनात होने के बावजूद उनके भाई को दादरी की दबिश में क्यों ले जाया गया।
दरवाजा खुलवाते वक्त बाकी पुलिसवाले साथ क्यों नहीं थे। गोली चलने पर भाई तड़पता रहा और उसे अस्पताल पहुंचाने की किसी ने हिम्मत नहीं जुटाई। कोतवाल समेत पुलिस वालों की भूमिका ठीक नहीं है। उसके भाई की पुलिस वालों ने ही साजिश कर हत्या कराई है।
परिजनों ने बताया कि अख्तर खान 1998 बैच में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। 11 जून वर्ष 2014 में दरोगा बने थे। दादरी कोतवाली में आठ अगस्त 2015 से तैनात थे। अख्तर खान अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके परिवार में बड़ा भाई यामीन और छोटा भाई समीम है जो एटा में पुलिस कांस्टेबल है। दादरी में तैनात होने के चलते पुराना कठहेरा रोड पर ही किराये का कमरे लेकर रह रहे थे।
जावेद दादरी का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उस पर दिल्ली और दादरी समेत कई थानों में 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2006 में उस पर पहली बार दिल्ली में जानलेवा हमले का मामला दर्ज हुआ। दिल्ली के करोलबाग, आनंद विहार, हरीनगर, आरके पुरम, पांडव नगर, संगम विहार थाने में लूट और राहजनी के कई मामले दर्ज हैं। 2012 में दादरी में हत्या करने का मामला दर्ज हुआ। इसके अलावा दादरी थाने में लूटपाट के भी कई मामले दर्ज हैं। इन मामलों में दस से अधिक बार जेल जा चुका है।
आईजी सुजीत पांडे का कहना है कि बदमाशों को गिरफ्तार करने की लिए पुलिस टीम लगी है। घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। अगर किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही जांच के दौरान आती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अख्तर खान की हत्या के बाद नगर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पीएसी व आरपीएफ फोर्स भी तैनात है। नगर पूरी तरह से छावनी में तब्दील है। जिस घर में गोलीबारी हुई है उसे पुलिस ने सील कर दिया है।