गाजियाबाद के सेक्टर-23 संजय नगर में बंधक मिलीं तीनों लड़कियां अपनी ‘आजादी’ के लिए घर से भागी थीं, मगर ‘कैद’ कर ली गईं। पटना की युवती ने बताया कि वह दो माह पहले चाचा के डांटने के बाद घर से भागकर दिल्ली आई थी। उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवक मिला, जो उसे संजय नगर में काम दिलवाने का झांसा देकर लाया था। यहां उसने आरोपी के सुपुर्द कर दिया। रायबरेली की युवती ने बताया कि घरवाले उसे जरा-जरा सी बात पर डांटते रहते थे। इससे परेशान होकर वह डेढ़ माह पहले दिल्ली आई थी।
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- फोटो : अमर उजाला
उसे भी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवक मिला, जो उसे काम दिलवाने का झांसा देकर संजय नगर में छोड़ गया। इनके अलावा 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के खंडवा से आई युवती ने बताया कि उसके भाई ने उसकी शादी एक ज्यादा उम्र के व्यक्ति से तय कर दी थी। वह शादी नहीं करनी चाहती थी, इसलिए भागकर दिल्ली आ गई थी। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उसे एक युवती मिली, जो उसे नौकरी लगवाने के बहाने संजय नगर ले आई। वही बालकनी से दुपट्टा बांधकर उतर रही थी।
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लड़कियों ने बताया कि घर में पांच लड़कियां रह रही थीं। इनमें से दो लड़कियों को एक सप्ताह पहले ही कहीं बाहर भेजा गया है। उनकी न तो नौकरी लगवाई जा रही थी, न ही उन्हें घर से बाहर निकलने दिया जाता था। उनसे घर का काम कराया जाता था।
आरोपी बोले-हम गुनहगार नहीं मददगार : आरोपी और उसकी पत्नी का कहना है कि वह तो लड़कियों की मदद करना चाहते थे। उन्हें खाना देते थे और उनकी देखभाल कर रहे थे। जैसे ही कहीं नौकरी मिलती, इन्हें भेज दिया जाता। उन पर बंधक बनाने के आरोप झूठे हैं।
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सावधान! रेलवे स्टेशनों पर चल रहा तस्करों का ‘रैकेट’ : गाजियाबाद। रेलवे स्टेशनों के आसपास पर तस्करों का ‘रैकेट’ चल रहा है, जिनके निशाने पर घर से भागी हुई लड़कियां होती हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि तस्कर रेलवे स्टेशन के आसपास घूमते रहते हैं। ऐसे लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाते हैं। किसी को बंधक बनाकर रखा जाता है, तो किसी को पैसे लेकर बेच दिया जाता है। छोटे बच्चों से भीख मंगवाई जाती है। इस तरह के कई मामले गाजियाबाद में पहले भी सामने आ चुके हैं। देशभर में मशहूर हुए ऑपरेशन स्माइल के तहत भी ऐसे कई केस सामने आए थे।
सेक्टर-23 में बरामद की गईं लड़कियों को तस्करी के लिए बंधक बनाकर रखे जाने से पुलिस अफसर इंकार नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में सीओ द्वितीय मनीष मिश्र का कहना है कि जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि लड़कियों को किस उद्देश्य से बंधक बनाकर रखा हुआ था। इस मामले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को भी इसकी जांच में लगाया गया है।