यूपी एटीएस की टीम ने शनिवार रात दस घंटे चले आपरेशन में बड़ी साजिश नाकाम करते हुए नोएडा के हिंडन विहार व सदरपुर से 9 और मुगलसराय के पास चंदौली से एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। हिंडन विहार में जिस घर में नक्सली किराये पर रह रहे थे उसके मकान मालिक सहित 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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गिरफ्तार नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा में आयोजित प्रेसवार्ता में यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण के मुताबिक, नक्सलियों ने अपने आप को मजबूत करने के लिए स्लीपर सेल की तर्ज पर नोएडा में पैर जमाए थे और यहां आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए बडे़ उद्यमी और नेताओं की हत्याएं करना, फिरौती के लिए अपहरण व बैंक डकैती करना मुख्य उद्देश्य था।
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गिरफ्तार नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
नक्सलियों ने नोएडा में प्रापर्टी डीलिंग का काम भी शुरू कर दिया था। इसके जरिये वे नोएडा-एनसीआर के अमीर लोगों का डाटा एकत्र कर रहे थे, ताकि उनसे नजदीकी बढ़ाकर परिजनों या उन्हीं का अपहरण करके फिरौती के रुपयों से खतरनाक मंसूबो को अंजाम दिया जा सके। वहीं, दिवाली तक बड़ी वारदात को अंजाम देने की भी साजिश रची जा रही थी।
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नक्सली गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले एक नागरिक ने सूचना दी थी कि बरौला के पास हिंडन विहार में कुछ संदिग्ध लोग रह रहे हैं। इसी बीच सूचना मिली कि नक्सली जल्द ही हथियारों का जखीरा नोएडा लाने की योजना बना रहे हैं। एटीएस की टीम उसका इंतजार करने लगी, लेकिन तभी सर्विलांस पर नक्सलियों की ओर से एक बड़ी घटना को अंजाम देने की बात पता चली।
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गिरफ्तार नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद टीम ने शनिवार रात को हिंडन विहार में छापेमारी करके 5 लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ की गई तो कुछ और साथियों की जानकारी हुई। तड़के करीब 4 बजे चार नक्सलियों को सदरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। नक्सलियों से हुई पूछताछ में पता चला कि सरगना सुनील रविदास चंदौली में है।
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noida naksali
- फोटो : राजन राय
इसके बाद एटीएस ने तड़के करीब 5 बजे तक उसे भी चंदौली से गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से फोर्स से लूटी गई इंसास राइफल और दो .315 की राइफलों के अलावा 550 कारतूस भी बरामद किए हैं। नक्सलियों को लेकर एटीएस की कार्रवाई अभी भी जारी है।
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noida naksali
- फोटो : राजन राय
जल्द आने वाला था हथियारों को बड़ा जखीरा
नक्सलियों द्वारा बम बनाने के लिए जिस बारूद का इस्तेमाल किया जाता था, वह माइंस उड़ाने के काम में आता है। इस बारूद को आसानी से खरीदा जा सकता है। एटीएस के आईजी ने बताया कि इस बारूद को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई प्रकार के केमिकल और कुछ अन्य तत्व भी मिलाए जाते थे।
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- फोटो : राजन राय
एटीएस की मानें तो नक्सलियों की एनसीआर को दहलाने की साजिश थी, जिसके चलते उन्हें जल्द दबोचना पड़ा। इनका मकसद पूर्वी यूपी और पश्चिमी बिहार में नक्सलियों के कनेक्शन को और अधिक सक्रिय करना था। चूंकि, आर्थिक रूप से कुछ समस्याएं उनके मंसूबों को अंजाम देने में आडे़ आ रही थी, इसलिए नक्सलियों ने एनसीआर और उसमें भी नोएडा को चुना।
जल्द ही हथियारों का एक बड़ा जखीरा आना था, जिसमें अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों के अलावा बम और ग्रेनेड शामिल थे। एटीएस को पता चला कि कुछ लोग इस खेप को नोएडा में लाएंगे और यदि चूक हो गई तो बड़ी घटना हो सकती है। ऐसे में खतरे का अंदेशा भांपते हुए एटीएस ने पहले ही ऑपरेशन को अंजाम दे दिया।