पहले ही दिन नौकर पांच घंटे मेें 11 लाख रुपये व सोने के चार सिक्के चोरी कर फरार हो गया। पीड़ित ने उसे जिस प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये रखा था, उसके पास भी नौकर की पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं हैं। मामले में थाना फेज तीन में नौकर और प्लेसमेंट एजेंसी के खिलाफ शिकायत दी गई है।
विज्ञापन
2 of 5
demo pic
सेक्टर-122 डी ब्लॉक निवासी दिव्यांशु जैन का साहिबाबाद में एक्सपोर्ट का कारोबार है। दिव्यांशु का भाई दिव्यांग है, जिसकी देखरेख के लिए घर में नौकर की जरूरत थी। दिव्यांशु ने इंटरनेट के जरिये श्री कृष्णा प्लेसमेंट एजेंसी से नौकर रखने के लिए संपर्क किया। एजेंसी में सुरेश से उनकी बात हुई। उसने 18 हजार रुपये प्रतिमाह की तनख्वाह पर 1 अक्तूबर से घर पर नौकर भेजने को कहा था।
विज्ञापन
3 of 5
demo pic
सुबह लगभग साढ़े नौ बजे किशनपाल कारोबारी के घर पर काम करने पहुंच गया। उसने खुद को मूलरूप से इलाहाबाद का रहने वाला बताया। दिव्यांशु को लगा कि नौकर एजेंसी से आया है तो उसका पहले से सत्यापन हो चुका होगा। लिहाजा, उन्होंने तुरंत उसे काम पर लगा दिया और खुद किसी काम से बाहर चले गए।
उस वक्त घर में केवल दिव्यांग भाई और बुजुर्ग मां थीं। दिव्यांशु ने बताया कि घर की साफ-सफाई करता हुआ किशनपाल पहली मंजिल पर चला गया।
4 of 5
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
उसने पहली मंजिल के कमरे की चाबी भी ले ली और वहां रखी अलमारी तोड़कर 11 लाख रुपये और चार सोने के सिक्के चोरी कर लिए। इसके बाद वह बिना किसी को कुछ बोले घर से चला गया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो दिव्यांशु को उनकी मां ने फोन कर नौकर के चले जाने की बात बताई।
इसके बाद दिव्यांशु ने किशनपाल का फोन मिलाया, जो बंद मिला। आनन-फानन में दिव्यांशु घर पहुंचे। वह पहली मंजिल पर गए तो चोरी का पता चला। दिव्यांशु ने प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क किया। एजेंसी ने नौकर के नाम-पते संबंधी दस्तावेज होने से इंकार कर दिया। इसके बाद दिव्यांशु ने थाना फेज-3 पहुंचकर मामले की शिकायत की।
प्लेसमेंट एजेंसी पर मिलीभगत का संदेह
दिव्यांशु ने प्लेसमेंट एजेंसी पर नौकर संग मिलीभगत का संदेह व्यक्त किया है। दिव्यांशु के अनुसार उनके घर के मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी नौकर सुबह साढ़े नौ बजे घर में दाखिल होते हुए और दोपहर ढाई बजे बाहर निकलता हुआ दिख रहा है।
जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उन लोगों ने किशनपाल को किसी और एजेंसी के जरिये नौकरी पर भेजा था, इसलिए उनके पास किशनपाल की पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं हैं।