नहरपार ग्रेटर फरीदाबाद में बुढैना चौक के पास शुक्रवार सुबह बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक वैन में तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में पहली कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई जबकि सात अन्य छात्र घायल हो गए। इनमें से पांच को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसा सुबह करीब 7:15 बजे का बताया जा रहा है। ग्रेटर फरीदाबाद की अलग अलग सोसायटियों से बच्चों को लेकर स्कूल सेक्टर 17 के मॉर्डन स्कूल आ रही थी। स्कूल वैन को पलवल के सहराना गांव निवासी अमित चला रहा था। जैसे वैन चालक बुढ़ैना पुल के पास चौराहा पार करने लगा, इतने में ही बल्लभगढ़ की ओर से तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आई और वैन के पिछले पहिए की ओर साइड में तेज टक्कर मारी।
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- फोटो : अमर उजाला
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन तीन पलटी खाकर उलट गई। टक्कर लगते ही वैन के दरवाजे खुल गए। इस दौरान एडल डिवाइन अपार्टमेंट निवासी सक्षम (5 वर्ष) वैन के नीचे दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सक्षम वैन में बीच वाली सीट पर बैठा था। हादसा होते ही चीख पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
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लोगों ने क्षतिग्रस्त वैन से बच्चों को निकाला। खेड़ी कलां निवासी धीरज अपनी कार से घायल बच्चों को मेट्रो अस्पताल लेकर पहुंचा। इस हादसे में मृतक छात्र सक्षम का बड़ा भाई कुबलेश (12), पार्क फ्लोर सेक्टर 76 निवासी प्रवेश (8 वर्ष) और लोकेश्वर (14 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि चार अन्य छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हादसे में घायल छात्र प्रवेश की हालत नाजुक बनी हुई है। स्विफ्ट डिजायर कार का चालक जसाना गांव निवासी अनंगपाल मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतक छात्र के पिता राकेश सिंह की शिकायत पर स्विफ्ट चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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जागरूक अभिभावक बना रक्षक
कार की जोरदार टक्कर से पलटी इको वैन में सवार बच्चे चिल्लाने लगे, तो अपनी बच्ची को डीपीएस स्कूल छोड़ जा वापिस गांव जा रहे धीरज नरवत ने आवाज सुनी। बच्चों की आवाज सुनकर धीरज ने अन्य लोगों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला और घायल बच्चों को अपनी गाड़ी में डालकर तुरंत मेट्रो अस्पताल पहुंचाया। इस दरियादिली से अभिभावक बार-बार धीरज का आभार जता रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि धीरज समय पर नहीं पहुंचता तो अन्य बच्चों की जान पर भी बन सकती थी।
मृतक छात्र के नेत्रदान
हादसे में जान गंवाने वाला पांच वर्षीय मासूम सक्षम के पिता ने इस मुश्किल घड़ी में भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने पोस्टमार्टम के दौरान सक्षम के नेत्रदान करा दिए। पोस्टमार्टम होने के बाद परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। वहीं, हादसे के बाद पूरे स्कूल में शोक की लहर दौड़ पड़ी।