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जेल में रवि से की गई थी मारपीट, हालत खराब होने के बावजूद नहीं कराया गया भर्ती

Thu, 06 Oct 2016 04:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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बिसाहड़ा में बवाल - फोटो : अमर उजाला
23 सितंबर की सुबह कोर्ट में पेशी पर आने से पहले बिसाहड़ा कांड में आरोपी रवि और उसके साथी की नहाने को लेकर जेल में किसी अन्य मामले में बंद युवक से मारपीट हुई थी। इस दौरान गिरने से उस युवक की कोहनी पर चोट लग गई थी। रवि के परिजनों का आरोप है कि पेशी के बाद जेल वापस आने पर रवि और उसके साथी विनय की जेल में पिटाई की गई।
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
इधर, जेल अधीक्षक एमएल यादव का कहना है कि बुखार और जोड़ों में दर्द की शिकायत के बाद 25 सितंबर को जेल के अस्पताल में ही रवि को उपचार किया गया था। इसके बाद 29 सितंबर तक उसकी हालत में सुधार नहीं आया।  कमजोरी के चलते उसे ग्लूकोज भी चढ़ाया गया। हालत में सुधार न होने पर तीन अक्तूबर को जिला अस्पताल में उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें फेफड़ों में पानी भरने की बात सामने आई थी। 
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
यहां से उसे वापस लुक्सर जेल ले जाया गया, लेकिन हालत अधिक बिगड़ने पर मंगलवार सुबह उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां से उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रवि के परिजनों का आरोप है कि दो माह पहले जेल में बंदियों के बीच हुई मारपीट में एक अन्य आरोपी विशाल का हाथ टूट गया था, जिसका इलाज काफी दिनों तक चला था। 

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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
रवि को जिला अस्पताल देर से ले जाने का आरोप  
इकलाख हत्याकांड के आरोपी रवि उर्फ रॉबिन को जिला अस्पताल भेजने का आदेश कोर्ट ने 30 सितंबर को जेल अधीक्षक को दिया था, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे 3 अक्तूबर को अस्पताल भेजा। रवि के अधिवक्ता रामशरण नागर ने बताया कि रवि को चिकनगुनिया के अलावा रीढ़ की हड्डी व शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द था। 
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bisahada case - फोटो : अमर उजाला
उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। जिला कारागार के अस्पताल में  उसका इलाज नहीं हो पा रहा था, लेकिन जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल नहीं भेजा। रवि की हालत लगातार खराब होने के चलते पिता रणवीर ने कोर्ट में अर्जी देकर इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल नोएडा भेजने की अपील की थी। 30 सितंबर को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए रवि को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया था। इसके बावजूद उसे अस्पताल में समय पर नहीं ले जाया गया और हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई।
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बिसाहड़ा - फोटो : अमर उजाला
रवि और विनय से नहीं हुई थी मुलाकात
23 सितंबर को मारपीट का पता चलने पर संजय राणा और मेजर रूप सिंह नागर युवाओं से मुलाकात के लिए जेल गए थे। संजय राणा ने बताया कि इस दौरान 15 में से केवल तीन युवकों से मिलाई कराई गई थी। रवि और विनय से उन्हें नहीं मिलाया गया था। उन्होंने आशंका जताई कि पेशी के बाद दोनों से मारपीट की गई होगी। 
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
खाना नहीं खा रहे अन्य आरोपी
जेल सूत्रों के अनुसार रवि की मौत के बाद जेल में बंद अन्य आरोपी युवाओं ने खाना छोड़ दिया है। उनका कहना है कि अनशन पर उनकी माताएं भी बैठी हैं। उनकी हालत खराब है। इसलिए अब वे लोग भी खाना नहीं खाएंगे। जेल अधीक्षक एमएल यादव का कहना है कि रवि की मौत के शोक में बुधवार को कुछ युवाओं ने दिन का खाना नहीं खाया।
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