मां-बहन की हत्या के बाद किशोर के मन में फ्लैट की छत से कूदकर आत्महत्या करने का ख्याल आया था लेकिन इसके बाद उसने खुदकुशी की बजाय सोसायटी से भागने की योजना बनाई। उसने खून से सने कप्ड़े बदले और बैग में रुपये व मां का मोबालइ फोन रखकर घर से निकाल गया।
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- फोटो : अमर उजाला
चार दिसंबर की रात घटना को अंजाम देने के बाद आठ दिसंबर को पकड़े जाने तक वह महज कुछ घंटे ही सो पाया था। इस दौरान उसने सात शहरों की 2511 किलोमीटर की यात्रा की।
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- फोटो : अमर उजाला
यात्रा के दौरान वह कभी बस में तो कभी ट्रेन में ही सोया। 9 दिसंबर यानी शनिवार को वाराणसी से नोएडा लाने के बाद भी उससे पूछताछ होती रही। शनिवार शाम को बाल सुधार गृह में पहुंचने के बाद उसकी काउंसिलिंग की गई।
थके होने के कारण वह रात साढ़े 10 बजे सो गया। रात 11 बजे एक अधिकारी उससे मिलने पहुंचा तो वह जाग गया। हालांकि थोड़ी देर बाद वह फिर से सो गया और रविवार सुबह 6 बजे जग कर उठा।