एटीएस ने पूछताछ के लिए 10 नक्सलियों में चार की रिमांड के लिए अर्जी दायर कर दी है। चूंकि कुछ सुबूत और मिले हैं जिनसे यह बात सामने आ रही है कि एनसीआर में और भी नक्सली छिपे हुए हैं। प्राथमिक पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं उसे आधार मानकर एटीएस जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में एनसीआर में नक्सलियों के कुछ और साथियों के रहने के सुबूत मिल रहे हैं।
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गिरफ्तार नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कई स्थानों पर दी गई दबिश के बाद वहां पर कोई भी नहीं मिला है। नक्सलियों ने कई ऐसी बातें बताई थीं जो सही नहीं हैं। पुलिस के अनुसार सच्चाई पता करने के लिए नक्सलियों को रिमांड पर लेना जरूरी है। एटीएस ने सोमवार को जिला अदालत में रंजीत पासवान, कृष्ण, पवन झा और आशीष की 10 दिन के लिए रिमांड मांगी है। एटीएस के डीएसपी डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि रिमांड मिलने के बाद नक्सलियों से गहनता से पूछताछ की जाएगी।
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noida naksali
- फोटो : राजन राय
डेढ़ माह पहले से बनारस से मिला क्लू
पुलिस सूत्रों के अनुसार करीब डेढ़ माह पहले एटीएस बनारस को सर्विलांस से जानकारी मिली थी कि नक्सलियों ने अपना डेरा नोएडा-एनसीआर को बना लिया है। बात केवल इतनी की गई थी कि चलो नोएडा में कुछ दिन खेल खेला जाए।
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noida naksali
- फोटो : राजन राय
इस सूचना को बनारस एटीएस ने नोएडा एटीएस को दिया और उसी दिन से काम करना शुरू कर दिया था। दूसरे दिन तोलोकेशन के आधार पर हिंडन विहार में एटीएस कमांडो ने किराये पर रहना शुरू कर दिया था। जिससे एटीएस को कामयाबी मिल पाई।
चार नक्सलियों का मिला नक्सल लिंक
एटीएस सूत्रों ने माना है कि पकड़े गए नक्सलियों का नक्सल से लिंक मिल गया है। इनमें सुनील रविदास, रंजीत पासवान, कृष्णा कुमार और शैलेंद्र कुमार का लिंक मिला है। इनके एटीएस ने सुबूत भी जुटा लिए हैं। मगर और अधिक जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ की जाएगी।
नक्सलियों से यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर नोएडा-एनसीआर में वह क्या करने आए थे व उनकी क्या योजना थी। वहीं, एनआईए, आईबी समेत कई अन्य प्रदेशों के अफसर भी एटीएस से रिमांड की जानकारी और नक्सलियों से पूछताछ करने के लिए समय मांग रहे हैं।