मामला दर्ज कर गोविंदपुरी थानाध्यक्ष संजय भारद्वाज की देखरेख में इंस्पेक्टर लोकेश शर्मा व एसआई सतीश की टीम ने तफ्तीश शुरू की। शव की पहचान गांव नंगला फरीदाबाद, हरियाणा निवासी नीरज के रूप में हुई। जांच में पता लगा कि नीरज की एक नाबालिग लड़की रीमा (बदला नाम) से 10-15 दिन पहले दोस्ती हुई थी।
रीमा ने नीरज को 6 मई को तुगलकाबाद के जंगल में मिलने के लिए बुलाया था। रीमा के कहने पर नीरज अपने दोस्त मनोज के साथ तुगलकाबाद किले में पहुंच गया। रीमा के साथ एक और नाबालिग लड़की संगम विहार निवासी शोभना (बदला नाम) भी किले में आई थी। गोविंदपुरी थाना पुलिस ने शोभना को पकड़ लिया। उसने बताया कि नीरज की हत्या रीमा, उसके भाई शिव कुमार उर्फ राहुल, उसके दोस्त सुमित, परवेज व रवि ने की है। इसके बाद पुलिस ने परवेज, सुमित, रवि, शिव कुमार उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। बाद में रीमा को भी पकड़ लिया गया।