फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार द्वारा गठित कमेटी की प्राथमिक जांच में MAX अस्पताल निकला दोषी, पढ़े पूरा मामला

Wed, 06 Dec 2017 10:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
max hospital
मैक्स अस्पताल में जिंदा नवजात को मृत बताकर परिजनों को सौंपने के मामले में अस्पताल प्रशासन घिरता दिख रहा है। दिल्ली सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अस्पताल को दोषी पाया है। प्राथमिक रिपोर्ट बताती है कि प्रसव से लेकर परिजनों को शव सौंपने तक में अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती है। कमेटी ने मंगलवार शाम प्राथमिक रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को सौंप दी।
विज्ञापन

2 of 4
max hospital
उधर, दिल्ली सरकार का कहना है कि फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है। तीन-चार दिनों में कमेटी फाइनल रिपोर्ट सरकार को दे देगी। अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया है कि अगर अस्पताल प्रशासन मामले में सीधे तौर पर दोषी साबित होता है कि उसका लाइसेंस तक रद्द करने में सरकार नहीं हिचकेगी। कमेटी ने जांच में पाया कि अस्पताल प्रशासन ने नवजात की डिलीवरी के लिए तयशुदा नियमों का पालन नहीं किया।
विज्ञापन

3 of 4
बच्चे के जिंदा होने का पता करने के लिए कोई ईसीजी टेस्ट नहीं किया गया। वहीं, बिना किसी लिखित दिशा-निर्देश के बच्चों को परिजनों को सौंप दिया गया। इसके अलावा मृत व जीवित बच्चे को एक साथ रखा गया। रिपोर्ट बताती है कि प्राथमिक तौर पर अस्पताल प्रशासन की इस मामले में गलती दिख रही है। बता दें कि 30 नवंबर को शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल में जिंदा नवजात को मृत बताकर परिजनों को सौंप दिया गया था।
विज्ञापन

4 of 4
रास्ते में एक नवजात के शरीर में हरकत हुई। परिजनों ने आनन-फानन में उसे नजदीक के दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की जांच के लिए दिल्ली सरकार ने तीन सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच कमेटी गठित की। अस्पताल की कमेटी ने दो दिन पहले लापरवाही बरतने वाले दो डॉक्टरों को बर्खास्त भी कर दिया था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें